बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार सरकार पर जमकर हमला बोला है। तेजस्वी ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार 15 साल नाकाम रहे हैं। राज्य में कोरोना की स्थिति चिंताजनक है। सरकार ने जनता को भगवान के भरोसे छोड़ दिया है। सीएम ने खुद अपनी कोरोना जांच कराई है।

उन्होंने कहा कि बिहार में कोरोना संक्रमण अप्रत्याशित रूप से बढ़ चुका है। सरकार को कहीं कोई चिंता नहीं। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल, प्रशासन और सरकार चुनावी तैयारियों में व्यस्त है और सरकार आंकड़े छिपा रही है।
तेजस्वी ने यह भी कहा कि बिहार में स्वास्थ्य विभाग आईसीयू में है। पिछले 2 सालों में कोई स्वास्थ्य केंद्र स्थापित नहीं किया गया है। यूनिसेफ, नीति आयोग और NRHM को यह पता चला है। सीएम नीतीश कुमार लाशों के ढेर पर चुनाव करवाना चाहते हैं।
यादव ने कहा कि मेडिकल इमरजेंसी के वक्त सीएम नीतीश कुमार डिजिटल रैली करने में व्यस्त हैं। आखिर चुनाव कराने में जल्दबाजी क्यों? कोरोना अब सीएम हाउस पहुंच चुका है। चुनाव कराने का ये सही समय नहीं है।
इससे पहले पूर्व उपमुख्यमंत्री ने महंगाई और डीएनए वाली घटनाओं पर नीतीश कुमार को घेरा था। तेजस्वी ने कहा था कि बीजेपी को पहले महंगाई डायन लगती थी आज वो भौजाई लगने लगी है। पिछले चुनाव में जिन्होंने नीतीश कुमार के डीएनए में खराबी बताई थी आज वो उन्हीं के सामने नतमस्तक हो गए हैं। उन्होंने कहा कि लगता है नीतीश कुमार की आत्मा बंगाल की खाड़ी में डूब गई है।