बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव और उनके बड़े भाई तेज प्रताप यादव ने बुधवार को पटना में कोविड -19 के खिलाफ स्पुतनिक वी वैक्सीन की पहली खुराक ली। ये दो विपक्षी नेता पिछले एक महीने से सत्ताधारी पार्टी के नेताओं की निशाने पर थे। भाजपा के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी और प्रवक्ता राम सागर सिंह ने वैज्ञानिकों पर विश्वास नहीं रखने के लिए उन पर हमला किया था।

तेजस्वी और तेज प्रताप ने कंकड़बाग स्थित पटना के मेदांता अस्पताल में जाकर स्पुतनिक वी की पहली खुराक ली। मेदांता बिहार का पहला अस्पताल है, जिसके पास विदेशी वैक्सीन है। सुशील कुमार मोदी ने कोविड वैक्सीन लेने के बाद कहा, ‘‘अच्छा है कि वैक्सीन ले ली, लेकिन लालू प्रसाद और राबड़ी देवी वैक्सीन क्यों नहीं ले रहे हैं।’’ तेजस्वी यादव ने हाल ही में बिहार में टीकाकरण की धीमी गति के लिए नीतीश कुमार सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने यह भी कहा कि देश में टीकाकरण कार्यक्रम का 70 प्रतिशत पूरा होने के बाद ही वह वैक्सीन लेंगे।

इस बयान के बाद बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने उन पर हमला बोलते हुए कहा कि तेजस्वी यादव ने अपने वैक्सीन बयान से अपना राजनीतिक मकसद साफ कर दिया है। वह राहुल गांधी की तरह ही कोरोनावायरस वैक्सीन पर राजनीतिक एजेंडा चलाना चाहते हैं। वे केंद्र सरकार के टीकाकरण कार्यक्रम को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। सुशील मोदी ने तेजस्वी यादव से यह स्पष्ट करने को कहा कि उनके पिता और माता ने कोविड -19 का टीका क्यों नहीं लिया। भाजपा प्रवक्ता राम सागर सिंह ने कहा था कि तेजस्वी यादव कोरोना वैक्सीन से परहेज कर रहे हैं क्योंकि उन्हें संदेह है कि उनकी सेक्शुअल शक्ति कम हो जाएगी।