नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि लालूजी का संघर्ष सिर्फ 25 साल का नहीं है। विषम परिस्थितियों में उन्होंने पार्टी बनाई। तेजस्वी ने सोमवार को एक बार फिर माफी मांगी। कहा, हमसे कोई भूल हो गई हो तो माफी मांगते हैं क्योंकि वही व्यक्ति अच्छा होता है जो अपनी गलती मानते हुए आगे बढ़ता है। वही सबके दिल में उतरता है। 

राजद कार्यालय में आयोजित पार्टी के रजत जयंती कार्यक्रम में कहा कि 2020 के चुनाव में राजद को हर जाति-वर्ग का साथ मिला। विरोधी लोग राजद को माय समीकरण में समेटने की साजिश करते हैं लेकिन राजद ए टू जेड की पार्टी है। ऐसा नहीं होता तो चुनाव में 1.56 करोड़ वोट नहीं मिलते।

पार्टीजनों का आह्वान किया कि जिसने भी आपकी ओर हाथ बढ़ाया है, उस हाथ को छोड़िएगा मत। तेजस्वी बोले-विधानसभा चुनाव में लालूजी हमारे बीच मौजूद नहीं थे लेकिन वो नाम नहीं विचार हैं और विचार को कैद नहीं किया जा सकता। कहा कि चुनाव में लालूजी के विचार, कार्यकर्ताओं के बल और जनता के सहयोग से राजद सबसे बड़ा दल बना। राजद को तोड़ने के लिए क्या-क्या षडयंत्र नहीं किया गया मगर लालूजी के लोग नहीं टूटे। सत्ता खोने वालों ने जंगलराज का प्रोपेगंडा रचा। हमने तो वर्ष 1990 से लेकर 2019 तक का आंकड़ा सदन के पटल पर रख दिया था।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कुछ लोग विकास का चोला पहन रहे हैं मगर उन्हीं के मंत्री-विधायक सारी पोल खोल रहे हैं। आरोप लगाया कि कोरोना काल में समीक्षा नहीं भिक्षा बैठक होती थी। पेट्रोल-डीजल, गैस की कीमतें आसमान छू रही हैं। देश बेचने का काम हो रहा है। कहा कि चुनाव में 15-16 सीटें हमको जबरन हरवाई गईं। लालूजी ने सामाजिक न्याय दिलाया और हम आर्थिक न्याय दिलाएंगे। कहा कि मैंने स्पुतनिक वैक्सीन लगवाया तो सवाल उठाए जा रहे थे। हम तो यह नहीं कहना चाहते कि मुख्यमंत्री मोतियाबिंद का छोटा सा ऑपरेशन कराने दिल्ली क्यों गए। क्या बिहार के डॉक्टरों पर भरोसा नहीं था। हम तो चाहते हैं कि उन्हें खूब अच्छा और हरा-भरा दिखे। तेजस्वी ने कहा कि संगठन में निष्क्रिय लोगों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

विरोधी मुझे बोलते हैं कि यही दूसरा लालू: तेजप्रताप

लालू के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने स्थापना दिवस कार्यक्रम में कहा कि विरोधी लोग मुझे बोलते हैं कि यही दूसरा लालू है। हम पिता के नक्शेकदम पर चलते हैं। विरोधी पिताजी पर भी हंसते थे और मुझ पर भी हंसते हैं। बिना नाम लिए कहा कि संगठन में कुछ ऐसे लोग हैं, जो इसे आगे नहीं बढ़ने दे रहे। महिलाएं शिकायत करती हैं कि कार्यालय में जगह नहीं मिल रही। तेजप्रताप बोले-जब तेजस्वी बाहर होते हैं तो हम मोर्चा संभालते हैं और जब हम वृंदावन जाते हैं तो तेजस्वी मोर्चा संभाल लेते हैं। कहा कि जब भी लोग मेरे अर्जुन को घेरते हैं, तो हम हमेशा आगे आ जाते हैं। आंदोलन के दौरान जब तेजस्वी पर पत्थर फेंका गया तो हम कार के बोनट पर थे मगर कुछ लोगों ने पीछे खींच लिया। बोले, लोग इसलिए खींचते हैं कि कहीं यह फिल्म का हीरो ना बन जाए।