तमाम अंतर्विरोधों और राहुल गांधी की स्वीकार्यता से जुड़े मसलों से जूझ रही कांग्रेस को राजद का साथ मिला है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा है कि केंद्र में कांग्रेस के बिना भाजपा के खिलाफ कोई मजबूत मोर्चा संभव नहीं है। मीडिया से बातचीत में तेजस्वी यादव ने कहा कि कांग्रेस को साथ लेकर ही भाजपा के खिलाफ विपक्षी विकल्पों की कल्पना की जा सकती है। देश में करीब 200 लोकसभा सीटें ऐसी हैं, जहां कांग्रेस सीधी लड़ाई में है। कहा कि नेता हम सब मिलकर तय कर लेंगे। लोजपा को लेकर कहा कि गठबंधन पर फैसला चिराग पासवान को लेना होगा।

तेजस्वी यादव ने कहा कि हमने पहले भी कहा है कि कांग्रेस को इसकी बुनियाद बनना पड़ेगा। कहा कि जहां क्षेत्रीय पार्टियां मजबूत हैं, वहां उन्हें वरीयता देनी होगी। यह नया गठबंधन कैसे आकार लेगा और आगे बढ़ेगा, बिना समय गंवाए इसकी तैयारी अभी से आरंभ करनी होगी। 

चिराग पासवान की लोजपा से गठबंधन पर अपना रुख साफ करते हुए तेजस्वी बोले कि हमें कोई आपत्ति नहीं है लेकिन पहल चिराग पासवान को करनी होगी। बिहार विधानसभा चुनाव में चिराग के जदयू विरोधी रुख से राजद को लाभ होने के सवाल पर तेजस्वी ने कहा कि राजद की सीटें इसलिए ज्यादा नहीं आई हैं कि चिराग पासवान ने मदद की है। उनके प्रत्याशियों की वजह से राजद के कई प्रत्याशी हारे भी हैं। उन्होंने कहा कि चिराग भाई के साथ ठीक नहीं हुआ। जो हुआ, उसके पीछे कौन है यह सबको पता है। अब उन्हें तय करना है कि रामविलास जी की विचारधारा को वो कैसे आगे बढ़ाएंगे।