देश की पहली निजी ट्रेन तेजस वीकेंड यानी शनिवार- रविवार को अपने तीन फेरों में एक से लेकर ढाई घंटे तक लेट रही। इस लेटलतीफी के चलते पहली बार आईआरसीटीसी को 2135 यात्रियों को साढ़े चार लाख रुपए का हर्जाना देना पड़ेगा। गौरतलब है कि शनिवार को भारी बारिश के चलते तेजस अपने तय समय से 2.5 घंटे देरी से पहुंची, वहीं रविवार को एक घंटे लेट रही ।

तेजस एक्सप्रेस देश की पहली ट्रेन है, जिसमें सफर में देरी होने पर एक घंटे की देरी पर 100 रुपए और दो घंटे की देरी पर 250 रुपए हर्जाने का प्रावधान है। बता दें कि 21 अगस्त को ट्रेन 2 घंटे देरी से पहुंची। ऐसे में आईआरसीटीसी को 1574 यात्रियों को 3,93,500 हजार रुपए जुर्माना देना होगा। वहीं 22 अगस्त को ट्रेन एक घंटे देरी से पहुंची। ट्रेन में 561 यात्री सवार थे, जिन्हें अब 56100 रुपए का जुर्माना देना होगा। आइआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अजीत सिन्हा ने बताया कि शनिवार व रविवार को लखनऊ से नई दिल्ली एक घंटे से ज्यादा समय ट्रेन लेट होने पर यात्रियों को रुपए मिलेंगे। कुल 2135 यात्रियों को 449600 रुपए हर्जाना मिलेगा।

तेजस ट्रेन शनिवार को सही समय पर नई दिल्ली को रवाना हुई। ट्रेन सुबह 11:45 बजे सही समय पर गाजियाबाद पहुंची, लेकिन इस बीच नई दिल्ली स्टेशन पर तेज बारिश ने सभी सिग्नल पैनल खराब कर दिए। ट्रेन 2:40 घंटे बीच सफर रोकी जाने के बाद दोपहर 3:05 बजे नई दिल्ली पहुंची। इसी तरह वापसी में इस ट्रेन को दोपहर 3:40 की जगह शाम 6:10 बजे 2:30 घंटे की देरी से लखनऊ रवाना किया गया। वापसी में यह ट्रेन 2:52 रात 12:57 बजे लखनऊ जंक्शन पहुंची। आइआरसीटीसी अधिकारियों ने तेजस का फिटनेस टेस्ट करवाया। यात्रियों को उनके मोबाइल फोन पर ट्रेन देरी से छूटने का एसएमएस भेजा गया।