सिंगापुर में एक 16 साल के युवा को कोरोना वैक्सीन लेने के बाद हार्ट अटैक आ गया था। इस टीनेज लड़के को फाइजर वैक्सीन लगवाने के 6 दिनों बाद दिल का दौरा पड़ा था। फिलहाल उसके हालात ठीक हैं लेकिन शायद उसे भी उम्मीद नहीं होगी कि इस हार्ट अटैक के बाद वो करोड़पति बन जाएगा।

मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ ने प्रेस में बयान जारी करते हुए कहा कि सरकार इस लड़के को 2 लाख 25 हजार डॉलर्स यानि लगभग डेढ़ करोड़ की आर्थिक सुविधा मुहैया कराएगी। ये सुविधा सिंगापुर वैक्सीन इंजरी फाइनेंशियल असिस्टेंस प्रोग्राम (VIFAP) के तहत दी जा रही है।

मेडिकल जांच में ये भी पाया गया है कि इस युवक को myocarditis की समस्या भी हो गई थी जिसके चलते उसे ये हार्ट अटैक आया था। मिनिस्ट्री की रिपोर्ट में लिखा था कि मायोकार्डिटिस की कंडीशन कोविड वैक्सीन के चलते पनपने की संभावना होती है।

इस बात की भी संभावना है कि काफी ज्यादा कैफीन का इस्तेमाल करने और हेवी वेटलिफ्टिंग के चलते भी उसके दिल पर दबाव पड़ा। फिलहाल ये लड़का अस्पताल में है और उसके हालात काफी बेहतर हो चुके हैं। बता दें कि आमतौर पर मायोकार्डिटीज किसी वायरल इंफेक्शन से होता है।

इस कंडीशन में दिल कमजोर हो सकता है जिसके चलते हार्ट अटैक हो सकता है और जान भी जा सकती है। छाती में दर्द और सांस फूलना इसके आम लक्षण हैं। वही मिनिस्ट्री ने अपने बयान में कहा है कि ये लड़का अच्छी प्रोग्रेस कर रहा है और बिना किसी परेशानी के वो रोजमर्रा के काम कर पा रहा है।

मिनिस्ट्री के इस बयान में आगे लिखा था कि वीआईएफएपी आवेदन के आकलन के लिए नियुक्त स्वतंत्र क्लीनिकल ​​पैनल ने पाया कि उसने अपनी गंभीर कंडीशन के हिसाब से अच्छा प्रोग्रेस किया है लेकिन उसे ठीक होने के लिए कुछ समय तक उपचार और पुनर्वास की जरूरत पड़ेगी।

हेल्थ साइंस अथॉरिटी ने फार्माकोविजिलेन्स मॉनीटरिंग के आधार पर कहा है कि कोरोना वैक्सीन के इस्तेमाल के बाद Myocarditis या Pericarditis की समस्या होने का थोड़ा रिस्क है लेकिन स्थानीय लोगों में ये काफी कम देखने को मिला है। सिंगापुर में 1 लाख डोज पर सिर्फ 0.48 लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं।

इस रिपोर्ट में कहा गया था कि ज्यादातर लोगों ने इस ट्रीटमेंट पर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं दी हैं और टीनेज और युवा लोगों को पहली और दूसरी वैक्सीन डोज के बाद कम से कम एक हफ्ते तक शरीर को रिलैक्स करने देना चाहिए और इस एक हफ्ते के दौरान शारीरिक गतिविधियों मसलन जिम या स्पोर्ट्स में बहुत ज्यादा एक्टिव नहीं रहना चाहिए।