कांग्रेस की हालत देश में बहुत ही अच्छे नहीं है। मोदी लहर के बाद से कांग्रेस का राज कई राज्यों से साफ हो गया है। इसी बार 2021 के देश में 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जीतोड़ मेहनत की है। अभी देश 4 राज्यों में चुनाव खत्म हो गए हैं और पश्चिम बंगाल में विस चुनाव 8 चरणों में होने से अभी तक चुनाव चल रहे हैं। आज बंगाल में चौथे चरण के चुनाव हो रहे हैं। असम में तीन चरणों में चुनाव संपन्न हो चुके हैं


 

कांग्रेस सबसे ज्यादा फोकस असम में पर कर रही है और बंगाल में कांग्रेस ने ज्यादा मेहनत नहीं की है। केरल, तमिलनाडू और पाडूचेरी में कांग्रेस ने मेहनत की और कई रैलियों को भी संबोधित किया है। अब पांच राज्यों के चुनाव के नतीजे भले ही 2 मई को आने वाले हैं, लेकिन कांग्रेस ने तैयारी अभी से शुरू कर दी है। पार्टी के विधायकों के टूटने का खतरा कांग्रेस के ऊपर कुछ इस तरह हावी हो गया है कि उसने विस के नतीजा आने से पहले ही अपने जीत सकने वाले उम्मीदवारों पर फोकस करना शुरू कर दिया है।

 

 


5 राज्यों में कांग्रेस को असम और केरल में सरकार बनने की संभावना नजर आ रही है। तमिलनाडु में भी गठबंधन की सरकार बन सकती है जिसे डीएमके लीड कर रही है। असम में महागठबंधन ने जोर मारा है।  G23 के नेताओं से मिल रही चुनौती के मद्देनजर कांग्रेस अपने अस्तित्व के लिए 5 में से कम से कम 2 राज्यों में सरकार बनाने की कोशिश में लग रही है।

असम में गठबंधन के टूट से बचाने के लिए कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों को जयपुर के फेयर माउंट होटल में ठहरा दिया है। तमिलनाडु और केरल में मजबूत संगठन के चलते डर नजर नहीं है क्योंकि बीजेपी वहां सरकार बनाने में नहीं है। पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल के लिए पार्टी ने विचार-विमर्श करना शुरू किया है। क्योंकि बंगाल में बीजेपी मजबूती से ममता से लड़ रही है।