इस समय एकतरफ जहां भारत कोरोना वायरस की दूसरी लहर से जूझ रहा है वहीं दूसरी तरहफ Tauktae Cyclone का संकट भी गहरा गया है। खबर है कि गुजरात के तट को पार करते हुए चक्रवात और तेज हो सकता है। लोगों ऐसी स्थिति में डरे न इसके लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने चक्रवात तौकते के लिए क्या करें और क्या न करें की एक सूची जारी की है। देश के 6 राज्यों के चक्रवाती तूफान से प्रभावित होने की संभावना है जिनमें केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र और गोवा शामिल है। इन राज्यों में 100 से अधिक बचाव दल तैनात किए गए हैं।

तूफान के समय क्या करें उसकी पूरी लिस्ट इस प्रकार है:
-आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कहा, "अफवाहों पर ध्यान न दें, शांत रहें और घबराएं नहीं।

-लोगों को यह भी सलाह दी जाती है कि चक्रवात से पहले एहतियात के तौर पर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए मोबाइल फोन को चार्ज रखें।

-एनडीएमए ने कहा कि जलरोधक कंटेनरों में दस्तावेज और कीमती सामान रखें और चक्रवात के दौरान सुरक्षा के लिए आवश्यक वस्तुओं के साथ एक आपातकालीन किट भी साथ रखें।
-मछुआरों से कहा गया है कि वे समुद्र में न निकलें।

-चक्रवात के दौरान, लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपने घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें और बिजली के मेन और गैस की आपूर्ति बंद कर दें।

-एनडीएमए ने कहा, "अगर आपका घर असुरक्षित है, तो चक्रवात आने से पहले जल्दी निकल जाएं।"
-राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी लोगों को उबला हुआ/क्लोरीनयुक्त पानी पीने की सलाह दी।

-जो लोग बाहर हैं उन्हें "जितनी जल्दी हो सके" सुरक्षित आश्रय लेने की दृढ़ता से सलाह दी गई है। क्षतिग्रस्त इमारतों में प्रवेश न करें, एनडीएमए ने कहा, "टूटे बिजली के खंभे और तारों, और अन्य तेज वस्तुओं के लिए सावधान रहें।"

अरब सागर में बने दबाव के क्षेत्र बनने की वजह से भारत में चक्रवाती तूफान तौकते की एंट्री हो गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, चक्रवात तौकते के 18 मई की सुबह गुजरात तट को पार करते हुए "बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान" के रूप में उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने तटीय इलाकों के मछुआरों के लिए भी चेतावनी जारी की है।

चक्रवात ऐसे समय में आया है जब भारत कोविड -19 महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा है।चक्रवाती तूफान ने भी देश की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहले से तैयारी करते हुए देश में केरल, गुजरात समेत देश के पांच राज्यों में बचाव दल की 50 से ज्यादा टीमें तैनात की गई हैं।