दुनिया के तीसरे सबसे बड़े अमीर बिजनेस मैन एलन मस्क की इलेक्ट्रिक कार कंपनी टेस्ला भारत में अपना कारोबार शुरू करने जा रही है। कंपनी ने भारत में स्टाफ की भर्ती भी शुरू कर दी है। कंपनी की नजर दुनिया में तेजी से उभरते भारतीय कार बाजार पर है। इस बीच टेस्ला को कड़ी टक्कर देने के लिए देश की दिग्गज ऑटो कंपनी टाटा मोटर्स ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है।

टाटा मोटर्स की योजना देश में किफायती इलेक्ट्रिक कार बनाने की है। इसके लिए कंपनी संभावित स्ट्रैटजिक पार्टनर्स या इनवेस्टर्स से जरूरी पूंजी जुटाने की संभावनाएं टटोल रही है। मामले की जानकारी रखने वाली शीर्ष अधिकारियों का कहना है कि अभी इस बारे में शुरुआती बातचीत चल रही है। पिछले साल मार्च में टाटा मोटर्स के बोर्ड ने पैसेंजर वीकल बिजनस को अलग करने की योजना को मंजूरी दी थी।

अधिकारियों का कहना है कि टाटा ग्रुप को अपने इलेक्ट्रिक वीकल (ईवी) बिजनस के वैल्यूएशन को लेकर काफी उम्मीदें हैं लेकिन इसे पूरा करने के लिए उसे ज्यादा वॉल्यूम दिखाने की जरूरत होगी। ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि टाटा मोटर्स ने चीन की दिग्गज ऑटो कंपनी Geely को पैसेंजर वीकल बिजनस में स्ट्रैटजिक पार्टनर बनाने के लिए बात की है। टाटा मोटर्स की सहयोगी कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) ने चीन की Chery Automobile के साथ हाथ मिलाया है।

कंपनी के एक जानकार ने कहा कि पैसेंजर वीकल बिजनस के लिए स्ट्रैटजिक पार्टनर या फाइनेंशियल इनवेस्टर्स पर बात चल रही है और इलेक्ट्रिक वीकल सेगमेंट को ग्रोथ का मजबूत इंजन माना जा रहा है। माना जा रहा है कि Morgan Stanley और JP Morgan को प्रस्तावित योजना के लिए इनवेस्टमेंट बैंकर बनाया गया है। पैंसेजन वीकल बिजनस को अलग करने के लिए टाटा मोटर्स को शेयरधारकों की मंजूरी मिल चुकी है और अब उसे नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की मंजूरी लेनी है। कंपनी को उम्मीद है कि यह प्रक्रिया सितंबर तिमाही के अंत तक पूरी हो जाएगी।

रिलायंस सिक्योरिटीज के हेड ऑफ रिसर्च मितुल शाह के मुताबिक टाटा मोटर्स स्ट्रैटजिक इनवेस्टर्स से साझेदारी की तलाश में है। कंपनी अपना कर्ज कम करना चाहती है और अगले 2-3 साल में यह जीरो पर आ सकता है। जून 2020 के अंत तक पीवी डिवीजन का घाटा 11,173 करोड़ रुपये था जबकि इसका वैल्यूएशन 9,417 करोड़ रुपये था। कंपनी ने अपनी इलेक्ट्रिक कारों की कीमत पेट्रोल-डीजल कारों से 15 से 20 फीसदी अधिक रखी है।

शाह ने कहा कि टाटा मोटर्स की इलेक्ट्रिक कारों की कीमत प्रतिस्पर्द्धी है जिससे कंपनी को अतिरिक्त फायदा मिलता है। टाटा मोटर्स ने कहा कि इससे टाटा ग्रुप की अन्य कंपनियों जैसे टाटा पावर (चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर), टाटा ऑटो कॉम्प (बैटरी पैक), टाटा केमिकल्स (लीथियम आयन सेल) और टाटा फाइनेंस (फाइनेंसिंग ऑप्शन) जैसी कंपनियों को फायदा होगा।