टाटा सन्स के पूर्ण स्वामित्व वाली Tata Digital ने गुरुवार 10 जून को जानकारी दी कि वह ऑनलाइन हेल्थकेयर मार्केटप्लेस 1MG Technologies Ltd में मेजॉरिटी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगी।  

कंपनी ने एक दिन पहले ऐलान किया था कि वह फिटनेस फोकस्ड Curefit Healthcare में 7.5 करोड़ डॉलर (550 करोड़ रुपये) निवेश करेगी लेकिन कंपनी ने इसकी जानकारी नहीं दी कि क्‍योरफिट हेल्थकेयर में उसकी हिस्सेदारी कितनी होगी।  

अब आज टाटा डिजिटल ने 1MG में मेजॉरिटी हिस्सेदारी का ऐलान करते हुए कहा कि यह टाटा ग्रुप की लोगों की कई प्रकार की जरूरतों को एक स्थान पर उपलब्ध कराने के लिए डिजिटल इकोसिस्टम तैयार करने की मुहिम का हिस्सा है। 

टाटा डिजिटल के मुताबिक ई-फार्मेसी, ई-डायग्नोस्टिक्स और टेली-कंसल्टेशन इस इकोसिस्टम के अहम सेग्मेंट्स हैं और इस स्पेस में सबसे तेजी से बढ़ने वाले सेग्मेंट्स हैं।  इस का ओवरऑल मार्केट 100 करोड़ डॉलर (7305 करोड़ रुपये) का है और स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता के चलते यह 50 फीसदी की चक्रवृद्धि सालाना वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ रहा है।  टाटा डिजिटल इकोसिस्टम ऑफरिंग में यह कैटगरी प्रमुख एलिमेंट बनेगा। 

1MG की शुरुआत करीब 6 साल पहले वर्ष 2015 में हुई थी और यह ईहेल्थ स्पेस में प्रमुख कंपनी है जो लोगों को आसानी से और सस्ते में दवाइयां, हेल्थ व वेलनेस प्रोडक्ट्स, डायग्नोस्टिक सर्विसेज, टेली-कंसल्टेशन मुहैया कराती है।  कंपनी अभी देश भर में 20 हजार से अधिक पिन कोड्स में डायग्नोस्टिक लैब्स को संचालित करती है।  इसके अलावा 1MG अपनी सब्सिडियरी के जरिए दवाइयों व अन्य हेल्थ केयर प्रॉडक्ट्स के बी2बी डिस्ट्रीब्यूशन में भी शामिल है। 

पिछले महीने टाटा ग्रुप ने ऑनलाइन ग्रॉसरी सेलर बिगबास्केट में मेजॉरिटी हिस्सेदारी खरीदी थी, हालांकि सौदा कितने में पड़ा, इसका खुलासा नहीं हो पाया।  इस अधिग्रहण के बाद अब टाटा ग्रुप की प्रतिस्पर्धा मुकेश अंबानी की रिलायंस के जियो मार्ट, फ्लिपकार्ट और अमेजन से होने वाली है।  

महामारी के दौरान ऑनलाइन ग्रॉसरी बिजनेस तेजी से बढ़ा है।  देश के 1 लाख करोड़ करोड़ डॉलर के खुदरा बाजार का आधा ग्रॉसरी सेल्स का है और ऑनलाइन ग्रॉसरी मार्केट की बात करें तो यह पिछले साल 290 करोड़ डॉलर (21.2 हजार करोड़ रुपये) की तुलना में इस साल 2021 में 430 करोड़ डॉलर (31.4 हजार करोड़ रुपये) तक पहुंच सकता है।