टोक्यो ओलिंपिक में गोल्ड, सिल्वर और ब्रोंज मेडल जीतने वाले इंडियन प्लेयर्स पर इनामों की बारिश हो रही है, लेकिन कई ऐसे खिलाड़ी भी हैं, जिन्होंने मेहनत तो खूब की, लेकिन ब्रोंज मेडल जीतने से चूक गए। ऐसे खिलाड़ियों को Tata Motors ने सम्मानित किया है। आज दिल्ली में एक कार्यक्रम में टाटा मोटर्स ने टोक्यो ओलिंपिक में ब्रोंज मेडल जीतने से चूक गए 24 खिलाड़ियों की अपनी प्रीमियम हैचबैक Tata Altroz, #TheGoldStandard देकर सम्मानित किया।
देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स ने दिल्ली में एक कार्यक्रम में उन भारतीय एथलीटों को ऑल्‍ट्रोज हैचबैक की चाबियां सौंपीं, जो हाल में ही हुए तोक्यो ओलिंपिक में कांस्य पदक जीतने से बहुत कम अंतर से चूक गए। टाटा मोटर्स ने अलग-अलग कैटिगरी, जैसे हॉकी, कुश्ती, गोल्फ, बॉक्सिंग और डिस्कस थ्रो में 24 ओलंपिक खिलाड़ियों को सम्मानित किया। हर महिला और पुरुष एथलीट को उनके गोल्ड स्टैंडर्ड प्रयासों के इनाम के रूप में हाई स्ट्रीट गोल्ड कलर वाली एक ऑल्ट्रोज गिफ्ट की गई।

इस मौके पर टाटा मोटर्स में पैसेंजर वीइकल्स बिजनेस के प्रेजिडेंट शैलेश चंद्रा ने कहा कि हाल ही में आयोजित तोक्यो ओलिंपिक में हमारे एथलीटों ने जबरदस्त जज्बे का परिचय दिया और इसके लिए हमें उनपर गर्व है। खिलाड़ियों के शानदार जज्बे की गूंज के साथ हमें उनकी कड़ी मेहनत को पहचान देकर टाटा ऑल्ट्रोज, गोल्ड स्टैंडर्ड इन प्रीमियर हैचबैक्स गिफ्ट करते हुए काफी खुशी हो रही है।

जिन 24 एथलीट को टाटा मोटर्स ने अपनी प्रीमियम हैचबैक टाटा ऑल्ट्रोज की चाबी सौंपी है, उनमें भारतीय महिला हॉकी टीम से नेहा गोयल, रानी रामपाल, नवनीत कौर, उदिता दुहान, वंदना कटारिया, नीशा वारसी, सविता पुनिया, मोनिका मलिक, दीप ग्रेस एका, गुरजीत कौर, नवजोत कौर, शर्मिला देवी, सुशीला चानू, लालरेमसियामी, सलिमा टेटे, निक्की प्रधान, रजनी एतिमारपु, रीना खोखर और नमिता टोप्पो के साथ ही गोल्फ कैटिगरी से अदिति अशोक, रेसलिंग कैटिगरी से दीपक पुनिया, डिस्कस थ्रो कैटिगरी से कमलप्रीत कौर और बॉक्सिंग कैटिगरी से सतीश कुमार और पूजा रानी थीं।