गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भ्रष्टाचार पर सख्ती का संदेश देते हुए नारा दिया था,न खाऊंगा और न खाने दूंगा। मोदी के इसी नारे में बदलाव करते हुए असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने नारा दिया है,ना सोऊंगा और ना सोने दूंगा। तरुण गोगोई ने ये नारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिया है। प्रदेश में अगले साल पंचायत चुनाव है। गोगोई ने अभी से कांग्रेस कार्यकर्ताओं को चुनाव के लिए तैयार रहने को कहा है। उन्होंने उपभोक्ता जागरुकता के लिए दिए गए नारे,जागो ग्राहक जागो को बदलते हुए नारा दिया है, जागो कांग्रेस जागो। गोगोई न ये नारा सुस्त पड़े कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार करने के लिए दिया है। प्रतारना दिवस के रूप में आयोजित पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में गोगोई ने कहा, न तो मैं सोऊंगा और न आपको सोने दूंगा। यह समय सोने का नहीं है। यह बेहतर है कि लोगों के पास जाओ और भाजपा सरकार की असफलताओं को उजागर करो। यह कार्यक्रम पीतांबर देवा गोस्वामी ऑडिटोरियम में हुआ। 

मीटिंग की अध्यक्षता जोराहट डिस्ट्रिक्ट कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीप गोगोई ने की। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने असम और केन्द्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि दोनों सरकारें चुनाव से पूर्व किए गए वादों को निभाने में नाकाम रही है। गोगोई ने कहा, भाजपा सरकार कानून व्यवस्था,भ्रष्टाचार पर नकेल, महिला सुरक्षा सहित सभी मोर्चों पर विफल रही है। महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराध के मामले चिंताजनक है। कानून व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। उन्होंने एपीएससी के कैश फॉर स्कैम की सीबीआई से जांच कराने की मांग करते हुए राज्य के शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की ओर उगली उठाते हुए कहा, अगर सीबीआई मामले की जांच करती है तो मुख्य दोषी जिसने संरक्षक की भूमिका निभाई,वह एक्सपोज हो जाएगा। गोगोई ने कहा, राज्य सरकार ने स्वदेशी लोगों का विश्वास खो दिया है। अब सरकार बांग्लादेश के हिंदू प्रवासियों को नागरिकता देने की कोशिश कर रही है लेकिन हम स्वदेशी लोगों के व्यापक हितों के लिए भाजपा के स्टैण्ड का विरोध कर रहे हैं। सोनोवाल और मोदी अच्छे एक्टर्स हैं और पूर्वोत्तर के राज्यों के लिए घडिय़ाली आंसू बहा रहे हैं। राज्य और केन्द्र की सरकारों ने असम के विकास के लिए कुछ नहीं किया।