पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उत्तरपरीया हिंदू समावेश में शामिल सत्राधिकारों पर निशाना साधा है। उनके मुताबिक हालत ये हो गई है कि अब सत्राधिकारों को संघ प्रमुख मोहन भागवत से ज्ञान लेना पड़ रहा है।

कोइनाधारा स्थित अपने सरकारी आवास में गोगोई पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि सत्राधिकारों को महापुरुष शंकरदेव और माधव देव के ज्ञान का प्रसार करना चाहिए, लेकिन वे यहां मोहन भागवत से ही ज्ञान लेने पहुंच गए। उन्होंने राज्य की भाजपा नीत सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार में हो रही देरी को लेकर भी अपनी राय जताई। उनका कहना था कि शायद मुख्यमंत्री सोनोवाल को किसी शुभ मुहूर्त का इंतजार है और वे ज्योतिषी के परामर्श की प्रतीक्षा में हैं। लगता है कि मुख्यमंत्री को सही तिथि नहीं मिल रही है।

गोगोई के मुताबिक जाने कब आएगा मंत्रिमंडल संप्रसार का बोहाग। पूर्व मुख्यमंत्री ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि जब वे मुख्यमंत्री थे तो पूरे पांच साल तक मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर ऊहापोह की स्थिति किस शुभ मुहूर्त के इंताजर में बनी रही है।