पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के मुताबिक 15वें वित्त आयोग के सामने ही सही, मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने राज्य की सही माली हालत तो बयां कर दी। साफ हो गया है कि केंद्र की भाजपा नीत सरकार का असम के प्रति सौतेया रवैया अभी तक जारी है। 

शुक्रवार को यहां पत्रकारों के सामने उन्होंने राज्य और केंद्र सराकर पर कई तीखे कटाक्ष किए। गत दिवस 15वें वित्त आयोग की बैठक का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि सोनोवाल बधाई के पात्र हैं, जो उन्होंने साफ कर दिया कि जीएसटी आने के बाद से राज्य के कर संग्रह में 15 से 20 फीसदी की कमी आई है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त आयोग की बैठक से यह भी साफ  हो गया है कि पिछले दो साल में केंद्र ने यहां बाढ़ और भू कटाव की समस्या के स्थानी निराकरण के क्षेत्र में उपयुक्त कदम नहीं उठाए हैं। खुद वित्त आयोग के प्रमुख ने भी कहा है कि यह अभी भी राज्य की सबसे जटिल समस्या बनी हुई है। इस दिशा में काफी ठोस और सक्रिय कदम उठाने की जरूरत है। 

उन्होंने कहा कि वित्त आयोग की गुवाहाटी बैठक ने राज्य के लिए अच्छे संकते नहीं दिए हैं। साफ हो गया है कि सरकार शुरुआत से ही राज्य की जनता को झांसा देती आ रही है। वित्त मंत्री हिमंता शर्मा ने दावा किया था कि जीेसटी से राज्य को लाभ होगा, लेकिन मुख्यमंत्री ने खुद ही वित्त आयोग के सामने पोल खोल दी। बता दिया कि इससे राज्य के कर संग्रह में भारी नुकसान हुआ है।