चेन्नई। रूसी सेना की बमबारी के बीच युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंसे तमिलनाडु के पांच मेडिकल छात्र रविवार को इंडिगो एयरलाइंस से दिल्ली पहुंचे। उन्हें केंद्र सरकार द्वारा यूक्रेन से भारतीय नगारिकों को वापस लाने के लिए शुरू किए गए 'ऑपरेशन गंगा' के तहत निकाला गया है। हवाई अड्डे पर पहुंचे मेडिकल छात्र जहीर अबूबकर, हरिहरसूदन, शांतनु बूपालन, वैष्णवी और सेल्वापिर्या का अल्पसंख्यक मंत्री गिंगी केएसएमस्थान ने फूलों के गुलदस्ते के साथ भावनात्मक स्वागत किया। 

इस दौरान उनके साथ अप्रवासी तमिल कल्याण, शरणार्थी और निकासी, वक्फ बोर्ड और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। यह एक भावनात्मक क्षण था क्योंकि छात्रों के माता-पिता अपने बच्चों को देखकर आंसू बहा रहे थे। उन्होंने छात्रों की सुरक्षित वापसी के लिए उठाए गए कदमों पर केंद्र और राज्य सरकारों को धन्यवाद दिया। इससे पहले केंद्र सरकार द्वारा आयोजित एयर इंडिया की उड़ान से पांचों चिकित्सकों को भारत वापस लाया गया था और वे सभी शनिवार की रात दिल्ली पहुंचे थे। 

दिल्ली से वे आज सुबह साढ़े दस बजे चेन्नई पहुंचे। बाद में राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा छात्रों को उनके मूल स्थानों पर भेज दिया गया। मस्तान ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री एम के स्टालिन द्वारा किए गए प्रयासों और केंद्र सरकार की सहायता और समर्थन से फंसे हुए छात्रों को यूक्रेन से निकाला गया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन में फंसे 1,100 तमिलों के संबंध में ब्यौरा एकत्र कर लिया गया है और युद्ध प्रभावित देश से सभी तमिलों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि स्टालिन की घोषणा के अनुसार राज्य सरकार यूक्रेन से लौटने वाले छात्रों की पूरी यात्रा का खर्च को वहन करेगी।