वोडाफोन आइडिया अगले साल यानी 2021 से अपने टैरिफ की कीमत 15-20 फीसदी बढ़ाने की तैयारी में है। कंपनी को अभी काफी नुकसान हो रहा है, ऐसे में कंपनी अपने नुकसान को कवर अप करने के लिए टैरिफ की कीमतें बढ़ा सकती हैं। वहीं भारती एयरटेल भी वोडाफोन-आइडिया की तरह टैरिफ के दाम बढ़ा सकती है। हालांकि, इन दोनों की कंपनियों की अपने प्रतिद्वंद्वी रिलायंस पर खास नजर रहेगी और उसी के अनुसार बाकी कंपनियां भी टैरिफ के दाम में बदलाव करेंगी। ये जानकारी मामले से जुड़े दो लोगों ने दी है।

एक शख्स ने बताया कि अभी टेलिकॉम कंपनियां रेगुलेटर की तरफ से फ्लोर प्राइस फिक्स करने का इंतजार करेंगे। वैसे तो बात ये हो रही है कि कंपनियां करीब 25 फीसदी तक टैरिफ के दाम बढ़ा सकती हैं, लेकिन एक ही बार में इतनी बढ़ोतरी करना काफी मुश्किल है। बता दें कि इससे पहले देश की इन तीन बड़ी टेलिकॉम कंपनियों ने दिसंबर 2019 में टैरिफ की दरें बढ़ाई थीं। 2016 में रिलायंस जियो की एंट्री के बाद ये पहली बार था जब टेलिकॉम कंपनियों ने दाम बढ़ाए थे।

वोडाफोन-आइडिया के एमडी रविंदर टक्कर भी कह चुके हैं कि अभी जो दाम हैं वह टिकने वाले नहीं हैं और दाम बढ़ेंगे। उन्हें ये भी उम्मीद है कि बाकी कॉम्पटीटर्स भी दाम बढ़ाएंगे। टक्कर ने दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद ही कह दिया था कि डेटा के लिए फ्लोर प्राइस के फैसले का इंतजार नहीं किया जा सकता है और टैरिफ के दाम बढ़ेंगे। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि ये ध्यान रखना होगा कि कीमतें बढ़ाने का वक्त सही हो। वह बोले कि ये तय समझिए कि जल्द ही टैरिफ रेट बढ़ेंगे। बता दें कि अभी वोडाफोन प्रति यूजर 119 रुपये, एयरटेल 162 रुपये और रिलायंस जियो 145 रुपये प्रति यूजर के हिसाब से कमाई कर रहे हैं।

विशेषज्ञों के कहना है कि वोडाफोन के लिए अब टैरिफ के दाम बढ़ाना बहुत जरूरी है, क्योंकि जल्द ही उसे एजीआर की किस्त का भुगतान करना है। साथ ही वोडाफोन 4जी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए भी निवेश करना चाहती है, जिसके लिए फंड की जरूरत होगी। हालांकि, वोडाफोन को ये भी डर है कि अगर उसके टैरिफ बढ़ाने के बाद एयरटेल और रिलायंस जियो ने भी वैसा नहीं किया तो कंपनी के मौजूदा ग्राहक छिटक सकते हैं।