अफगानिस्तानी अब अपनी आजादी की जंग छेड़ चुके हैं।  तालिबानियों का खात्मा कर फिर एक बार अपने देश को आजाद देखने के ख्वाब में तालिबान आतंकियों को ढेर कर रहे हैं। बता दें कि क्रांतिकारी अफगानी तालिबान के कब्जे से बचे एकमात्र पंजशीर में लड़ाई खतरनाक मोड़ दे रहे हैं। बात दें कि पंजशीर घाटी अफगान के उन चंद इलाकों में है, जहां अभी तालिबान का कब्जा नहीं कर पाया है।


पंजशीर के अंदराब में हुई लड़ाई में 50 से अधिक तालिबान लड़ाके मारे गए हैं और 20 से अधिक लड़ाकों को बंधक बना लिए गए है।  सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि इस लड़ाई में तालिबान के क्षेत्रीय कमांडर के मारे जाने का दावा भी किया गया है। वहीं पंजशीर समर्थक एक लड़ाके की मौत हुई है और 6 घायल हुए हैं। हालांकि, तालिबान ने इसकी पुष्टि नहीं की है। जंग अभी जारी है।

जानकारी मिली है कि अफगान के बानू पर फिर से तालिबान का नियंत्रण हो गया है। पंजशीर घाटी में विद्रोहियों की अगुआई कर रहे अहमद मसूद के लड़ाके जंग के लिए तैयार बैठए और इनके साथ अफगान की आधी सेना भी शामिल है। ये अफगानी झंडे के साथ लड़ रहे हैं। नेशनल रेजिस्टेंस फ्रंट, यानी नॉर्दर्न अलायंस को लीड कर रहे मसूद ने कहा कि युद्ध की तैयारी है, पर अगर रास्ता निकालने के लिए बातचीत होती है तो उसके लिए भी तैयार हैं।