अफगानिस्तान के एक पूर्व जज नजला अयूबी ने बताया है कि तालिबान द्वारा अफगान महिलाओं को प्रताड़ित कर मार डाला जा रहा है। वे झूठे वादे कर रहे हैं कि वे लोगों के अधिकारों का सम्मान करेंगे और उन्हें काम करने और इस्लाम के अनुसार शिक्षित होने की अनुमति देंगे। नजला अयूबी ने बताया कि वह अफगानिस्तान में महिलाओं से बात कर रही हैं और उन्हें “महिलाओं के खिलाफ बुरे व्यवहार और हिंसा” के कई मामले मिले हैं। अयूबी ने कहा कि एक महिला को “आग लगा दी गई क्योंकि तालिबान लड़ाकों को उसका बनाया खाना पसंद नहीं आया था।

अयूबी ने बताया “वे लोग उन्हें खाना पकाने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इसके अलावा, पिछले कुछ हफ्तों में बहुत सारी युवतियों को ताबूतों में डालकर पड़ोसी देशों में भेज दिया जा रहा है ताकि वे वहां सेक्स स्लेव बनाई जा सकें।”

अफगान से जान बचाकर अमेरिका में रह रही अयूबी ने कहा, “वे परिवारों को अपनी छोटी बच्चियों की शादी तालिबान लड़ाकों से करने के लिए भी मजबूर करते हैं। मुझे नहीं पता वह वादा कहां गया जिसमें महिलाओं को काम पर जाने की इजाजत दी गई थी।” अयूबी ने कहा कि उन्हें महिलाओं के अधिकारों के लिए बोलने के लिए तालिबान से बचना पड़ेगा। उन्होंने तालिबान को “बुरा सपना” बताया।

गौरतलब है कि अफगानिस्तान पर 20 साल के बाद एक बार फिर तालिबान का कब्जा हो गया है। उसने देश के राष्ट्रपति भवन पर भी कब्जा जमा लिया है। टोलो न्यूज के मुताबिक, यहां सत्ता हस्तांतरण की प्रकिया भी पूरी हो गई है। राष्ट्रपति अशरफ गनी ने तालिबान को सत्ता सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक, नई अंतरिम सरकार के अंतरिम प्रमुख के रूप में अली अहमद जलाली का नाम सबसे आगे चल रहा है। राष्ट्रपति गनी ने देश छोड़ दिया है। माना जा रहा है कि गनी ताजिकिस्तान जा रहे हैं।