अफगानिस्तान के पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह के भाई और पंजशीर में प्रतिरोध मोर्चे (विद्रोही गुट) के नेताओं में से एक रोहुल्लाह अजीजी को तालिबान ने प्रांत के कारुख जिले में मार गिराया। उनके रिश्तेदारों ने इस खबर की पुष्टि की है और कहा है कि अजीजी का शव उन्हें नहीं दिया गया है। 

तालिबान ने इस खबर का खंडन किया है और कहा है कि अजीजी उनके साथ संघर्ष के दौरान मारा गया था। पंजशीर प्रांत में जान गंवाने वाले विद्रोही गुट के नेताओं में यह परिवार का दूसरा सदस्य है। इससे पहले अहमद शाह मसूद के भतीजे कमांडर अब्दुल वदूद को फ्रंट के प्रवक्ता फहीम दशती के साथ मार गिराया गया था।तालिबान ने दोनों को मारने से इनकार किया है और कहा है कि वे अंतर-प्रतिरोध मोर्चे की लड़ाई में मारे गए हैं। 

काबुल के उत्तर-पूर्व में पंजशीर प्रांत आखिरी होल्डआउट था, जिस पर पिछले हफ्ते तालिबान ने कब्जा कर लिया, लेकिन कुछ हिस्सों में अभी भी लड़ाई जारी है। प्रतिरोध मोर्चे के अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने कुछ क्षेत्रों को तालिबान से वापस ले लिया है, लेकिन तालिबान ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की है।