अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद स्थिति चिंताजनक है। वहीं अफगानिस्तान में मौजूद करीब छह हजार अमरीकी सैनिकों को निकलाने का ऑपरेशन चल रहा है। इस दौरान अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने दावा किया कि अफगानिस्तान में सभी अमरीकी सुरक्षित हैं और अगर एक भी अमरीकी पर हमला हुआ तो तालिबान को इसका जवाब दिया जाएगा। 

उन्होंने कहा कि काबुल एयरपोर्ट पर जाने से किसी भी अमरीकी को नहीं रोका जा रहा है। इस दौरान बाइडन ने दावा किया कि अफगानिस्तान में अब अलकायदा का अस्तित्व खत्म हो चुका है। वहीं इसके कुछ ही मिनट बाद पेंटागन ने बाइडन के दावों के विपरीत स्थिति बताई। पेंटागन सचिव लॉयड ऑस्टिन और प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि काबुल एयरपोर्ट जाने के दौरान तालिबान ने अमरीकी सैनिकों पर हमला किया। वहीं ऑस्टिन और किर्बी ने यह भी दावा किया कि अफगानिस्तान में अभी भी अल-कायदा मौजूद है। हालांकि बाइडन का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी उपस्थिति सीमित है।

अफगानिस्तान के हालात पर संबोधित करते हुए अमरीकी राष्ट्रपति बाइडन ने अफगानिस्तान में फंसे अमरीकियों से कहा कि हम आपको सुरक्षित घर पहुंचाएंगे। बाइडन ने व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन में शुक्रवार को कहा कि अफगानिस्तान में छह हजार अमरीकी सैनिक ग्राउंड पर हैं, अगर हम पर हमला हुआ तो जवाब देंगे। उन्होंने दावा किया कि सभी अमरीकी सुरक्षित हैं और उन्हें काबुल एयरपोर्ट जाने से तालिबान नहीं रोक रहा है।

वहीं अफगानिस्तान में तालिबान के काबिज होने के बाद अब ब्रिटेन के सुर भी बदले हुए नजर आ रहे हैं। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि अगर जरूरी हुआ तो ब्रिटेन तालिबान के साथ काम करेगा। जॉनसन ने कहा कि मैं लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि अफगानिस्तान के लिए समाधान खोजने के हमारे राजनीतिक और राजनयिक काम कर रहे हैं। काबुल हवाई अड्डे पर स्थिति थोड़ी बेहतर हो रही है, जहां हजारों हताश अफगान देश से पलायन की मांग कर रहे हैं। ब्रिटिश सरकार ने कहा कि उसने करीब 1615 लोगों को बाहर निकाला है। जिसमें 399 ब्रिटिश नागरिक और उनके आश्रित, 320 दूतावास कर्मचारी और 402 अफगान शामिल हैं।