काबुल में अमेरिकी दूतावास अपने कर्मियों को निर्देश दे रहा है कि वे संवेदनशील सामग्रियों के साथ-साथ उन वस्तुओं को नष्ट कर दें, जिनका प्रोपेगेंडा प्रयासों में दुरुपयोग किया जा सकता है। कर्मचारियों को भेजे गए एक प्रबंधन नोटिस के अनुसार, कर्मचारियों को सभी प्रकार की संवेदनशील सामग्री नष्ट करने को कहा गया है। इमरजेंसी डिस्ट्रक्शन सर्विसेज के बारे में नोटिस अफगानिस्तान में जमीन पर गंभीर स्थिति को रेखांकित करता है, क्योंकि शहर तालिबान के अधीन हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि एक खुफिया आकलन से संकेत मिलता है कि काबुल को तालिबान एक सप्ताह के भीतर, संभवत: अगले 72 घंटों में अलग-थलग कर सकता है, लेकिन जोर देकर कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि आतंकवादी समूह राजधानी में प्रवेश करेगा। व्हाइट हाउस के एक ट्वीट के अनुसार, राष्ट्रपति जो बाइडेन ने शुक्रवार को विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन, रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन के साथ अफगानिस्तान में नागरिक पदचिह्न को सुरक्षित रूप से कम करने के चल रहे प्रयासों के बारे में बात की। उस प्रयास की तैयारी में, शुक्रवार के दूतावास के नोटिस में कहा गया है कि उन्हें प्रतिदिन डिस्ट्रक्शन सहायता प्रदान की जाएगी। नोटिस में कर्मियों से इमारत में सभी संवेदनशील सामग्री की मात्रा को कम करने को कहा गया है, जिसमें कागजात और इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण शामिल हैं।

इसमें कहा गया है, ‘‘कृपया दूतावास या एजेंसी के लोगो, अमेरिकी झंडे या उन वस्तुओं को भी इस प्रक्रिया में शामिल करें जिनका प्रोपेगेंडा के प्रयासों में दुरुपयोग किया जा सकता है।’’ नोटिस में कहा गया है कि इन सामग्रियों को नष्ट करने के लिए कई तरह के साधन होंगे, जिनमें बर्न बिन्स, एक डिसइंटीग्रेटर, एक इंसीनरेटर और एक कॉम्पेक्टर और हेवी-ड्यूटी उपकरण शामिल हैं। विदेश विभाग ने कहा कि यह अमेरिकी पदचिह्न को कम करते समय लागू मानक प्रक्रिया का हिस्सा है। विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘दुनिया भर में हमारे राजनयिक पदों पर कमी एक मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करती है, जिसे स्टाफिंग, उपकरण और आपूर्ति सहित विभिन्न श्रेणियों में हमारे पदचिह्न को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है। दूतावास काबुल इस मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार अपना ड्रॉडाउन कर रहा है।’’

अमेरिकी राजनयिकों के लिए जमीनी स्थिति अविश्वसनीय रूप से चुनौतीपूर्ण है, जो कहते हैं कि योजनाएं मिनटों में बदल रही हैं। जैसे-जैसे तालिबान तेजी से आगे बढ़ रहा है और अमेरिकी राजनयिक और सैना वहां से निकल रही है, वैसे ही अब अफगानिस्तान में काफी लोग बेचैनी, भय और निराशा की स्थिति में हैं। महिलाओं, अल्पसंख्यकों और अमेरिकी सरकार के लिए काम करने वालों में विशेष चिंता है - ऐसे समूह जो अब तालिबान द्वारा दमन और प्रतिशोध का सामना कर रहे हैं।