आपको बार-बार पिम्पल्स की समस्या होती है, तो इसकी सबसे बड़ी वजह हो सकती है क्लींजर का इस्तेमाल न करना। ऐसे में आपके चेहरे पर जमी धूल आपकी स्किन पर मौजूद नेचुरल ऑयल के साथ रिएक्ट करती है जिससे मुंहासों की समस्या होती है। 

मुंहासों के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले क्लींजर हमेशा सोप, एसिडिक फ्री होने चाहिए। इसके साथ ही इसके पीएच बैलेंस हो और अल्कोहल मुक्त होने चाहिए जिसमें साफ करने की क्षमता अधिक हो। जिन क्लींजर में ज्यादा मात्रा में झाग बनते हैं उनसे स्किन ड्राई हो जाती है। इसके लिए लोशन या क्रीम युक्त क्लींजर का इस्तेमाल अच्छा रहता है।

ऑयल कंट्रोल क्लींजर से आपकी स्किन की चमक बरकरार रहती साथ ही। ये चेहरे से ज्यादा मात्रा में तेल को खत्म करता है। अगर आपकी स्किन ऑयली है तो आप ज्यादा रिंसिबल क्लींजर का इस्तेमाल करें क्योंकि इसमें मॉइश्चराइजर कम होता है।

वहीं जिनकी स्किन ड्राई, सेंसेटिव या फिर मिली-जुली होती है उनके लिए मॉइश्चराइजड लिक्विड क्लींजर बेहतर रहता है। ये क्लींजर स्किन से गंदगी और डेड स्किन सेल्स निकाल देता है और आपको सॉफ्ट और ग्लोइंग स्किन देता है। साथ ही इसमें मॉइश्चराइजर होता है, इसलिए इससे स्किन ड्राई भी नहीं होती।

कोई बीमारी नहीं बल्कि एक छोटी-सी समस्या है इसलिए इसे देखकर घबराएं नहीं। मुंहासों त्वचा की ऑयल ग्रंथियां ब्लॉक होने लगती हैं। लेकिन कई बार आनुवांशिकता मूल वजह न होकर खराब दिनचर्या, भोजन और तनाव भी परेशानी की वजह बनते हैं। तेज धूप में लंबे समय तक रहना या सही तरीके से चेहरे की सफाई न होने से भी दिक्कत होती है।