ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू ने कहा है कि चीन तालिबान की तरह ही उनके देश पर कब्जा करना चाहता है। चीन लंबे समय से ताइवान पर दावा करते हुए इस पर कब्जे का मन बनाए हुए है। अमेरिका समर्थित अफगानिस्तान की सरकार के तेजी से हुए पतन के बाद ताइवान में इसी तरह से चीन के कब्जा करने की मंशा को लेकर बहस छिड़ गई है। चीनी मीडिया इस बात को हवा दे रहा है कि काबुल का हश्र यह बताने के लिए पर्याप्त है कि ताइवान अब अमेरिका पर भरोसा नहीं कर सकता है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने हाल ही में चीन से कहा है कि वह ताइवान पर दबाव बनाना बंद करे। अमेरिका के इस बयान पर ताइवान के विदेश मंत्री जोसेफ वू ने अमेरिका का धन्यवाद देते हुए कहा कि चीन तालिबान की तरह ही ताइवान पर कब्जा करने का सपना देख रहा है। इस संबंध में चीन की कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। 

ज्ञात हो कि अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जा करने के बाद चीन तेजी से उससे संबंध सामान्य कर रहा है। चीन तालिबान से आश्वासन चाहता है कि शिनिजियांग में सक्रिय उइगर मुस्लिम उग्रवादी संगठन अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल न करें। चीन की राष्ट्रीय विधायिका ने शुक्रवार को औपचारिक रूप से सत्तारूढ़ कम्यूनिस्ट पार्टी की तीन बच्चों की नीति को मंजूरी दे दी है, ताकि दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश चीन में बच्चों की जन्म दर में आई मामूली गिरावट को पाटा जा सके। कई दशकों से चीन में एक बच्चे की नीति का बेहद सख्ती से पालन किया गया था। इसके बावजूद यहां की मौजूदा आबादी 1.41 अरब है।