पिछले एक दशक से युद्धग्रस्त सीरिया में बशर अल असद को चौथी बार राष्ट्रपति चुन लिया गया है। गत 26 मई को हुए चुनाव के अधिकारिक चुनाव परिणामों में असद को करीब एक करोड़ 42 लाख वोट मिले। इस जीत के साथ ही अब बशर अल-असद के एक बार फिर से अगले 7 साल तक के लिए राष्ट्रपति बने रहने का रास्ता साफ हो गया है। इस बीच असद को रूस के खुले समर्थन के कारण अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों ने भी इस चुनाव की सत्यता और प्रमाणिकता पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि असद के सत्ता पर काबिज रहते सीरिया में निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं है।

असद की जीत के बाद सीरिया में जश्न का माहौल देखा गया। हजारों की संख्या में स्थानीय लोग असद के पोस्टर लेकर निकल आए और ड्रम बजाते हुए डांस किया। लटाकिया और राजधानी दमिश्क में हजारों लोगों ने रैली निकाली। देश के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह का माहौल देखा गया। बसर अल असद को दुनियाभर में तानाशाह राजनेता के तौर पर देखा जाता है। यही कारण है कि सीरिया की विपक्षी पार्टियों ने इस चुनाव को खारिज किया है। दक्षिणी प्रांत दारा और स्वीडा समेत सरकार के नियंत्रण वाले कई क्षेत्रों में लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया था।