उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनावों की घोषणा होते ही राजनीति में आज बड़ी हलचल हुई है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। मौर्य ने अपना इस्तीफा राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भेज दिया है। खबर है कि वो जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) का साथ छोड़कर समाजवादी पार्टी (सपा) ज्वॉइन कर सकते हैं।

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भेजे गए अपने इस्तीफे में स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, 'श्रम एवं सेवायोजन व समन्वय मंत्री के रूप में विपरीत परिस्थितियों व विचारधारा में रहकर भी बहुत ही मनोयोग के साथ उत्तरदायित्व का निर्वहन किया है किंतु दलितों, पिछड़ों, किसानों बेरोजगार नौजवानों एवं छोटे- लघु एवं मध्यम श्रेणी के व्यापारियों की घोर उपेक्षात्मक रवैये  के कारण उत्तर प्रदेश के मंत्रिमंडल से मैं इस्तीफा देता हूं।'

पिछले कई दिनों से चर्चा चल रही थी स्वामी प्रसाद मौर्य, बीजेपी का दामन छोड़कर अखिलेश यादव की साईकिल पर सवार हो सकते हैं। कहा जा रहा है कि स्वामी प्रसाद मौर्य के ज्वॉइनिंग मामले को सीधे अखिलेश यादव देख रहे हैं और बातें उनके स्तर पर ही हो रही है। स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे को बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

पिछले चुनाव में BJP को सत्ता में पहुंचाने का श्रेय पिछड़ी जातियों को जाता है और इस बार अखिलेश यादव हर हाल में पिछड़ी जातियों को अपने तरफ मोड़ने में लगे हैं। यही वजह है कि छोटे छोटे दलों से गठबंधन के अलावा उन्होंने पिछड़े नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कराने का अभियान छेड़ रखा है। स्वामी प्रसाद मौर्य इस अभियान का हिस्सा हैं।