ग्रेटर कूचबिहार की मांग करने वाले उग्रवादी संगठन ग्रेटर कूचबिहार लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन के चार संदिग्ध उग्रवादियों को रविवार को सिलीगुड़ी कोर्ट में पेश किया जाएगा। पेशी को लेकर कोर्ट में सुरक्षा बढ़ा दी गयी है। उग्रवादियों को सीआइडी 14 दिनों के पुलिस रिमांड पर लेगी।


गहन पूछताछ कर यह जानने की कोशिश करेगी कि ये नेपाल बिहार और बांग्लादेश सीमांत नक्सलबाड़ी क्षेत्र में किस घटना को अंजाम देने के लिए जमा हुए थे। क्या इन लोगों का नेपाल में किसी उग्रवादी संगठनों से सांठगांठ तो नहीं है। क्या यह चारों यहां के बेरोजगार युवाओं को किसी खतरनाक मिशन पर तैयार करने की कवायद में थे? सीआइडी और पुलिस के पास मिले कागजात के आधार पर इसके और लिंक को तलाश की जा रही है।


सीआइडी और नक्सलबाड़ी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ये सभी लोकसभा चुनाव पूर्व हिल्स के तर्ज पर उत्तर बंगाल असम में अलग राज्य के लिए सशस्त्र आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए यहां जुटे थे। पकड़े गये आरोपितों में असम के धुबड़ी जिला अगोमनी अंतर्गत भांगाडुली निवासी हरिश्चंद्र रॉय का पुत्र निर्मल रॉय, असम के ही बक्सा जिला तामुरपुर अंतर्गत घोघापार निवासी देवेन दास का पुत्र कंडरपा दास (23 वर्ष), पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिला के पुंडीबाड़ी थाना अंतर्गत उत्तर खगराबाड़ी निवासी स्वर्गीय जग्गेश्वर अधिकारी का पुत्र रतन अधिकारी (28 वर्ष) एवं जलपाईगुड़ी जिला के धूपगुड़ी थाना अंतर्गत बिन्नागुड़ी के नेता जी पाड़ा निवासी माधवचंद्र रॉय का पुत्र डीपी प्रसाद रॉय (18 वर्ष) शामिल है।

ग्रेटर कूचबिहार लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन (जीसीएलओ) निर्मल रॉय ने स्वयं को जीसीएलओ चीफ है। निर्मल रॉय ने 31 जुलाई को ग्रेटर कूचबिहार क्षेत्र जिसमें उत्तर बंगाल के सभी जिलों समेत असम के 11 जिले शामिल है को बंद का आह्वान किया है। संगठन ने घोषणा की है कि 28 अगस्त को विलय दिवस के उपलक्ष्य में माओवादी के तर्ज पर रेलवे ट्रैक और सरकारी कार्यालयों को नुकसान पहुंचाया जाएगा।

नक्सलबाड़ी के सतभईया में जब ये सभी संदिग्ध उग्रवादी एकत्र होकर किसी बड़े घटना को अंजाम देने के लिए बैठक कर रहे थे तभी शनिवार की देर शाम सीआइडी और नक्सलबाड़ी की पुलिस ने चारों को दबोच लिया। आरोपितों के खिलाफ नक्सलबाड़ी थाने में कांड संख्या 105 में राष्ट्रद्रोह का मामला दर्ज किया गया है।