नगरोटा स्थित सैन्य छावनी में तैनात सेना के सिपाही की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। गोली सिपाही की खुद की सर्विस राइफल से लगी। नगरोटा पुलिस ने घटना स्थल से सबूतों को जुट लिया। सिपाही की जिस सर्विस राइफल से गोली चली है को पुलिस ने जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के पास भेज दिया।

संदिग्ध हालात में मारे गए सिपाही बिश्वाजीत गोगई पुत्र अतुल गोगई निवासी गोरागुरी, जिला गोलाघाट, असम के शव का पोस्टमार्टम करवाया गया ताकि मौत के कारणों का पता चल पाए।

सैन्य छावनी में गोली चलने की यह घटना वीरवार तड़के तीन बजे की है। रोमियो फोर्स के मुख्यालय के नजदीक बने जवानों के बैरक के बाहर से गोली चलने की आवाज आई। गोली की आवाज सुन कर वहां मौजूदा अधिकारी व जवान जिस स्थान से गोली की आवाज आई वहां दौडे।

जवानों ने देखा कि बैरक के बाहर एक सिपाही खून से सना हुआ पड़ा था। सिपाही के पास ही उसकी सर्विस राइफल जमीन पर गिरी हुई थी। गोली जवान की गर्दन के निचले हिस्से में लगी थी, जो सिर से बाहर निकल गई। सिपाही को तुरंत उसके साथी सैन्य अस्पताल में ले गए। प्राथमिक जांच में डाक्टरों ने उसे मृत लाया हुआ घाेषित कर दिया।

सिपाही की संदिग्ध मौत की सूचना मिलते ही एसएचओ नगरोटा विश्व प्रताप सिंह घटना स्थल पर पहुंचे और वहां से सबूतों को जुटाने के बाद शव को जीएमसी अस्पताल में कानूनी कार्रवाई करने के लिए भेज दिया गया।

नगरोटा के सब डिवीजनल पुलिस आफिसर प्रदीप कुमार ने बताया कि जवान को गाेली किन परिस्थितियों में लगी यह जांच का विषय है। सिपाही के साथ तैनात अन्य जवानों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके अलावा फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद भी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल पोस्टमार्टम कराने के बाद जवान के पार्थिव शरीर को सेना को सौंप दिया गया है।