बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुए हैं।  सोमवार को सुशील मोदी ने अपने निर्वाचन का प्रमाण पत्र प्राप्त करते हुए एक तस्वीर शेयर कर इसकी जानकारी दी। 

इसके साथ ही सुशील मोदी विधानसभा, लोकसभा, विधान परिषद के बाद अब राज्यसभा के सदस्य बन गए हैं।  वो बिहार के तीसरे ऐसा नेता हैं जो चारों सदनों के सदस्य रहे हैं।  इससे पहले राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू यादव और पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि चारों सदनों के सदस्य रह चुके हैं। 

राज्यसभा उपचुनाव के लिए दो नामांकन किए गए थे।  बीजेपी प्रत्याशी के रूप में सुशील मोदी और निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में श्याम नंदन प्रसाद लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी श्याम नंदन प्रसाद के नामांकन पत्र में एक भी प्रस्तावक का नाम या हस्ताक्षर अंकित नहीं रहने के कारण उनका नामांकन अवैध हो गया था। 

इस तरह राज्यसभा उपचुनाव के लिए एकमात्र प्रत्याशी के रूप में बीजेपी के सुशील मोदी का नामांकन पत्र ही वैध पाया गया।  नाम वापसी की अंतिम तिथि सात दिसंबर के अपराह्न 3 बजे की समाप्ति के बाद बीजेपी प्रत्याशी सुशील मोदी को निर्वाचन पदाधिकारी सह प्रमंडलीय आयुक्त पटना संजय कुमार अग्रवाल द्वारा निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। 

राज्यसभा उपचुनाव 2020 के निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने आयोग द्वारा प्रतिनियुक्त प्रेक्षक रवि मनु भाई परमार की मौजूदगी में बिहार विधानसभा कक्ष में प्रमाण पत्र प्रदान किया। 

राज्यसभा का सदस्य निर्विरोध चुने जाने पर बिहार बीजेपी के अध्यक्ष सजंय जायसवाल, बिहार के उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और एनडीए के अलग-अलग नेताओं ने सुशील मोदी को बधाई दी है।  स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि सुशील मोदी के लंबे संसदीय अनुभव का बिहार को लाभ मिलेगा।  आत्मनिर्भर बिहार बनाने और विकास के रास्ते में यह कारगर साबित होगा।