उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर राघोपुर से नामांकन दाखिल करते समय तथ्यों को छिपाने और गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है। सुशील मोदी ने कहा कि रघुनाथ झा और कांति सिंह से गिफ्ट में मिली संपत्ति को वे खरीदा हुआ बता रहे हैं। सीबीआई, ईडी व आयकर को इस मामले में स्वत: संज्ञान लेना चाहिए। वैसे इस मामले को हम चुनाव आयोग में भी ले जाएंगे। 

पटना के एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि तेजस्वी ने अपने शपथ पत्र में चार करोड़ 10 लाख का कर्ज एक भारतीय कंपनी को देने की बात कही है। वर्ष 2015 में एक करोड़ सात लाख का कर्ज देने की बात कही थी। क्या, वही कर्ज बढ़कर चार करोड़ से अधिक हो गया या नया कर्ज है, इसका उल्लेख नहीं है। तेजस्वी आईआरसीटीसी घोटाले में चार्जशीटेड हैं। लॉकडाउन के कारण अभी ट्रायल शुरू नहीं हुआ है। अभी बेल पर हैं। इसमें उनका जेल जाना तय है। 

उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि जिस तरह लालू प्रसाद के जीवन का बड़ा हिस्सा जेल में बीता है, तेजस्वी को भी लंबे समय तक जेल में रहना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि डेढ़ लाख आमदनी बताने वाले तेजस्वी ने चार करोड़ से अधिक का कर्ज कैसे दिया। पुश्तैनी संपत्ति भी नहीं थी। न शिक्षा, न नौकरी, न ही कोई व्यवसाय तो पैसा कहां से आया। आखिर ऐसी क्या योग्यता थी कि तेजस्वी 52 तो तेजप्रताप 28 से अधिक संपत्ति के मालिक बन गए। सुशील मोदी ने कहा कि 1800 करोड़ के सृजन घोटाला में तीन साल बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने के सवाल पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी को जांच की प्रगति से परेशानी है तो वह कोर्ट जाए। कहा कि इस बार भ्रष्टाचार बनाम नरेन्द्र मोदी व नीतीश कुमार का विकास भी चुनावी मुद्दा होगा। प्रवक्ता प्रेम रंजन पटेल के अलावा एसडी संजय, राकेश कुमार सिंह, अशोक भट्ट मौजूद थे।