सुशांत ‘आत्महत्या’ मामले की जांच करने मुंबई गए पटना के नगर (पूर्वी) पुलिस अधीक्षक आईपीएस अधिकारी विनय तिवारी शुक्रवार की देर रात पटना पहुंच गए। उन्हें रिसिव करने के लिए खुद पटना हवाईअड्डे पर पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस की जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही थी।

पटना लौटने के बाद आईपीएस अधिकारी तिवारी ने जांच के विषय में पत्रकारों से बहुत कुछ तो नहीं कहा, हालांकि इतना जरूर कहा कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) बीएमसी ने उन्हें मुंबई में क्वारंटीन नहीं करता, तो चार-पांच दिन में जांच में और प्रगति होती तथा कुछ और लोगों से पूछताछ की जाती, कुछ और सबूत जुटाए जाते। उन्होंने कहा कि वहां क्या हुआ, यह सबने देखा है। तिवारी ने कहा, ‘‘बिहार पुलिस की जांच तेजी से सही दिशा में आगे बढ़ रही थी।’’

उन्होंने कहा कि बिहार से मुंबई अधिकारिक दौरे पर उनके जाने से पहले मुंबई पुलिस को सबकुछ नियमानुकूल बताया गया था। फिर भी उन्हें क्वारंटीन कर दिया गया। आईपीएस अधिकारी ने कहा, ‘‘वहां जाने के बाद रविवार को मैं पहले से गए अपने पुलिस अधिकरियों से मिला। इसके बाद रात को बीएमसी के अधिाकरियों ने नियम का हवाला देते हुए क्वारंटाइन में रहने की बात बताई। मैंने मुुंबई में प्रशासन को पूरा सहयोग दिया।’’ इससे पहले, तिवारी मुंबई से वाया हैदराबाद पटना पहुंचे थे।

उल्लेखनीय है कि 25 जुलाई को सुशांत सिंह राजपूत मामले में उनके पिता के.के. सिंह द्वारा पटना के राजीवनगर थाना में दर्ज कराए गए मामले के बाद बिहार की चार सदस्यीय पुलिस टीम जांच के लिए मुंबई भेजी गई थी। इसके दो दिन के बाद पटना नगर पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी को भी जांच के लिए मुुंबई भेज गया, लेकिन कोरोना को लेकर क्वारंटीन कर दिया गया। शुक्रवार को बीएमसी ने आईपीएस अधिकारी को बीएमसी ने मुक्त किया। उल्लेखनीय है कि बाद में बिहार सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की अनुशंसा कर दी।