बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के अपने परिवार के सदस्यों के साथ संबंध तनावपूर्ण नहीं थे। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दिवंगत अभिनेता ने एक निजी बैंक में किए गए निवेश के लिए अपनी बहन को कानूनी उत्तराधिकारी (नॉमिनी) बनाया हुआ था। इसके अलावा अन्य कई लोगों ने भी ऐसा दावा किया है कि सुशांत के अपने परिवार के साथ रिश्ते तनावपूर्ण नहीं थे। सुशांत और उनके निवेश योजनाकार (इन्वेस्टमेंट प्लानर) के बीच साझा किए गए चैट के स्क्रीनशॉट के अनुसार, अभिनेता ने अपनी बहन प्रियंका सिंह को नॉमिनी बनाने के लिए चर्चा की थी। 

हालांकि परिवार ने अभी तक सुशांत के निवेश पर कोई जवाब नहीं दिया है। बैंक के प्रतिनिधि और सुशांत के बीच उनकी मृत्यु (14 जून) से करीब एक महीने पहले 20 मई को बातचीत हुई थी। चैट के अनुसार, 20 मई को व्हाट्सएप पर बैंकर को व्हाट्सएप संदेशों के माध्यम से सुशांत ने लिखा था कि उन्हें बातचीत के लिए कब फोन करना चाहिए। चैट से यह भी पता चला है कि वह दिवंगत अभिनेता की मानसिक स्थिति से अवगत थीं।

प्रियंका ने सुशांत को यह भी बताया कि दिल्ली में उनका दोस्त एक प्रसिद्ध डॉक्टर है, जो उन्हें मुंबई के सबसे अच्छे डॉक्टर से मिला सकता है। प्रियंका ने सुशांत को उनका पूरा इलाज गोपनीय रहने का भी आश्वासन दिया। उन्होंने सुशांत को कोई चिंता न करने के लिए भी कहा। इस पर सुशांत ने अंत में अपनी बहन को धन्यवाद भी कहा। उधर, सीबीआई ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि उसे अब तक ऐसा कोई सुबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित हो सके कि 14 जून को सुशांत की हत्या की गई थी। सुशांत 14 जून को अपने घर में मृत पाए गए थे और उनके गले पर फांसी के फंदे के निशान थे।

एम्स रिपोर्ट से उम्मीद नहीं : स्वामी

भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि एम्स की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह पता नहीं चल सकता कि सुशांत की मौत, आत्महत्या थी या हत्या, क्योंकि अस्पताल के पास कभी उनका शव नहीं था। कुछ पुलिस अधिकारी मीडिया को यह बता रहे हैं कि एम्स की रिपोर्ट से यह पता चलेगा कि सुशांत की मौत हत्या थी या आत्महत्या। जिसके बाद उन्होंने यह ट्वीट किया।