आज साल का पहला सूर्य ग्रहण है जो नॉर्थ अमेरिका, यूरोप और एशिया में इस ग्रहण को साफ-साफ देखा जा सकेगा। बदकिस्मत की बात यह है कि भारत में यह ग्रहण सूर्यास्त के पहले लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में  दिखाई देगा। सूर्य ग्रहण ना दिखाई देने पर भारत देश मे सूतक नहीं मानाजाएगी। बता दें ऐसा ग्रहण दुनिया में 148 साल पहले घटित हुआ था। आज 148 साल बाद एक बार फिर से ऐसा ग्रहण लगने जा रहा है।


ग्रहण भारत में आंशिक तौर पर ही दिखेगा। असली रिंग ऑफ फॉयर का नजारा तो विदेशों में देखा जा सकेगा। लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में यह केवल सूर्यास्त के पहले ही देखा जा सकेगा। इसका कोई सूतक काल मान्य नहीं होगा। इसलिए इस ग्रहण के कारण पूजा पाठ, दान पुण्य पर कोई रोक नहीं होगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, साल के पहले सूर्यग्रहण के दिन ज्येष्ठ मास की अमावस्या, शनि जयंती और वट सावित्री व्रत भी है।


सूर्यग्रहण के दिन धृति और शूल योग भी बनेगा। सूर्य ग्रहण 10 जून को दोपहर 1 बजकर 42 मिनट से शुरू होगा और शाम को 06 बजकर 41 मिनट पर समाप्त होगा। ये ग्रहण कुल मिलाकर 5 घंटे का होगा।