सर्वे में शामिल 60 फीसदी से अधिक कर्मचारियों ने एक दिन अतिरिक्त छुट्टी के लिए हर दिन 12 घंटे से अधिक काम करने की सहमति दी। सर्वे में तीसरी साप्ताहिक छुट्टी के लिए शुक्रवार को पसंद किया।

यह भी पढ़े : IPL 2022  के अपने डेब्यू मैच में ही इस खिलाड़ी ने कर दिया कमाल ,  राजस्थान को दिलाई रोमांचक जीत 


दुनियाभर की कंपनियां हफ्ते में चार दिन काम की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। इस बीच एक सर्वे में खुलासा हुआ है कि अधिकांश भारतीय कंपनियां भी हफ्ते में चार दिन काम के पक्ष में हैं।

यह भी पढ़े : राशिफल 11 अप्रैल: इन राशि वालों का भाग्य आज बुलंदी पर रहेगा, भगवान भोलेनाथ की अराधना करते रहें


एचआर से जुड़े समाधान देने वाली एक फर्म के एक सर्वे के मुताबिक, भारत के 60 फीसदी से अधिक नियोक्ता सप्ताह में चार दिन काम के पक्ष में हैं। इन नियोक्ताओं का मानना है कि काम का यह मॉडल कंपनी और कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने का काम करेगा। साथ ही कर्मचारियों को नौकरी की संतुष्टि और व्यक्तिगत-प्रोफेशनल जीवन में संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।

इस मॉडल से नियोक्ता और कर्मचारी दोनों को तनाव कम करने में मदद मिलेगी। हालांकि, सर्वे में शामिल 27 फीसदी नियोक्ताओं का मानना था कि वे इस मॉडल से कंपनी की उत्पादकता को लेकर पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकते हैं। 11 फीसदी ने कहा कि इस मॉडल से न तो कुछ खास सुधार दिखेगा और ना ही कुछ रिटर्न मिलेगा।

यह भी पढ़े : Numerology : इन मूलांकों को जन्मे लोग आज जीवन में करेंगे खूब करेंगे तरक्की, कैसे जाने अपना मूलांक 


एक दिन अतिरिक्त छुट्टी के लिए हर दिन 12 घंटे से अधिक काम

सर्वे में शामिल 60 फीसदी से अधिक कर्मचारियों ने एक दिन अतिरिक्त छुट्टी के लिए हर दिन 12 घंटे से अधिक काम करने की सहमति दी। सर्वे में शामिल 52 फीसदी नियोक्ताओं और कर्मचारियों ने तीसरी साप्ताहिक छुट्टी के लिए शुक्रवार को पसंद किया। जबकि 18-18 फीसदी ने सोमवार और बुधवार को पसंद किया।

एक फरवरी से सात मार्च के बीच हुआ सर्वे

आपको बता दें कि एक फरवरी से सात मार्च के दौरान देशभर के 1,113 नियोक्ता और कर्मचारियों के बीच ऑनलाइन सर्वे कराया गया। इस सर्वे में शामिल 100 फीसदी कर्मचारियों ने चार दिन काम के मॉडल के पक्ष में वोट किया। सर्वे में बैंकिंग-फाइनेंस, कंस्ट्रक्शन, इंजीनियरिंग, एजुकेशन, एफएमसीजी, एचआर सॉल्यूशंस, आईटी-बीपीओ, लॉजिस्टिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, तेल एवं गैस सेक्टर के नियोक्ता और कर्मचारी शामिल हुए।