सुप्रीम कोर्ट ने 6 राज्यों की याचिका खारिज करते हुए कहा है कि NEET-JEE की परीक्षा तय समय पर ही होगी। आपको बता दें कि गैर-बीजेपी शासित 6 राज्यों के कैबिनेट मंत्रियों ने NEET और JEE परीक्षा को टालने के लिए रिव्यू पिटीशन दाखिल की थी, जिसमें कोर्ट से 17 अगस्त को दिए गए आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग की गई थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है।
रिव्यू पिटीशन को 6 गैर-बीजेपी शासित राज्यों के कैबिनेट मंत्रियों ने दाखिल किया था। इसमें पश्चिम बंगाल के मलय घटक, झारखंड के रामेश्वर ओरांव, राजस्थान के रघु शर्मा, छत्तीसगढ़ के अमरजीत भगत, पंजाब के बी एस सिद्धू और महाराष्ट्र के उदय रवीन्द्र सावंत शामिल हैं।
हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में परीक्षा टालने को लेकर 7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों की एक बैठक हुई थी, जिसमें पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा था कि सभी राज्य सुप्रीम कोर्ट चलें। इसके बाद फैसला लिया गया था कि सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की जाएगी।
17 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने NEET और JEE परीक्षा स्थगित करने की याचिका खारिज कर दी थी। पीठ की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा था कि परीक्षा स्थगित करने से छात्रों का करियर संकट में आ जाएगा। जीवन को कोविड-19 में भी आगे बढ़ना चाहिए. क्या हम सिर्फ परीक्षा रोक सकते हैं? हमें आगे बढ़ना चाहिए। अगर परीक्षा नहीं हुई तो क्या यह देश के लिए नुकसान नहीं होगा? छात्र शैक्षणिक वर्ष खो देंगे।