उच्चतम न्यायालय (Supreme court) ने बाम्बे उच्च न्यायालय (Bombay High Court) का फैसला पलटते हुए शुक्रवार को कहा कि सिर्फ दो अभ्यर्थियों के लिए एमबीबीएस (MBBS) पाठ्यक्रम की राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) का आदेश देना मुश्किल है। न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति बी. आर. गवाई की पीठ ने पुन: परीक्षा के लिए आदेश देने से इनकार करते हुए कहा, याचिकाकर्ता छात्रों के प्रति हमारी सहानुभूति है लेकिन नीट- यूजी 2021 (NEET-UG 2021) के लिए सिर्फ दो अभ्यर्थी छात्रों के लिए पुन: परीक्षा कराने का आदेश देना बेहद मुश्किल है। 

नीट की परीक्षा 12 सितंबर 2021 को हुई थी जिसमें कई प्रश्न पत्र और उतर पुस्तिका आपस में मेल नहीं खा रहे थे। इस वजह से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा था। वे ठीक तरीके से परीक्षा नहीं दे पाये और इसके लिए उन्होंने वहां के इनविजीलेटर को जिम्मेदार ठहराया गया था। परीक्षा में बैठे छात्र वैष्णवी विजय एवं अन्य की याचिका पर उच्च न्यायालय ने दो छात्रों के लिए फिर से परीक्षा आयोजित करने का आदेश हाल ही में दिया था। उच्च न्यायालय के इस आदेश को नीट परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था -नेशनल टेस्टिंग एजेंसी - ने उच्चतम न्यायालय में चुनौती देते हुए कहा था कि परीक्षा कराने का आदेश फैसला अव्यावहारिक है।