उच्चतम न्यायालय ने वृहस्पतिवार को उन याचिकाओं पर सुनवाई पूरी की जो मेघालय में कोयला खनन पर प्रतिबंध से संबंधित हैं। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा है, जो जुलाई में गर्मियों की छुट्टी के बाद पारित होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने कोयला प्रतिबंध पर कुल पांच याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है।

लंबर लालु बनाम डिमा हसाओं स्टूड़ेंट यूनियन की मुख्य याचिका के अलावा, अन्य याचिकाओं पर जो अदालत ने सुनी थी उनमें-कोयला मालिकों, खनिकों और डिलर्स फोरम, हेमा नांगस्टाइन और राज्य की समन्वय समिति शामिल थीं। आप को बता दे की इस साल के जनवरी में कोयला खदान में दर्जन भर मजदुर खदान के अंदर फंस गए थे। जिसको बचाव राहत दलों ने बचाने में कामयाब नही हो सके थे। और बहुत दिनों के बाद में बचाव राहत दल ने सिर्फ तीन मजदुर के ही शव को निकाल पाए थे।