उच्चतम न्यायालय ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई जल्द करने की मांग गुरुवार को ठुकरा दी। कुछ याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने मामले का मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष विशेष उल्लेख किया तथा जल्दी सुनवाई के लिए तारीख मुकर्रर करने का उससे अनुरोध किया।


न्यायालय ने कहा, 'सबरीमला मामले में महिला अधिकार बनाम धार्मिक परंपरा मामले की सुनवाई के बाद इसे सुना जाएगा। आप होली की छुट्टी के बाद फिर तारीख तय करने का निवेदन करें।'


अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने न्यायालय को बताया कि केंद्र सरकार अगले सप्ताह अपना जवाब दाखिल कर देगी।


गौरतलब है कि सीएए को चुनौती देने वाली 150 से अधिक याचिकाएं सुनवाई के लिए लंबित हैं। सभी याचिकाओं पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया गया है।