देश की सर्वोच्च अदालत ने ममता बनर्जी सरकार को आदेश देते हुए कहा है कि 'कोई बहाना नहीं, तुरंत लागू करें वन नेशन-वन राशन कार्ड।' अदालत ने यह भी कहा है कि आप एक या अन्य समस्या का हवाला नहीं दे सकते हैं। यह प्रवासी मजदूरों के लिए है। इसके साथ ही सर्वोच्च अदालत ने लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों द्वारा उठाए गए समस्याओं पर अपने फैसले को सुरक्षित रखा है। 

सुनवाई के आखिरी दिन में सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार से कहा कि उसे केंद्र सरकार की 'एक देश-एक राशन कार्ड' योजना को लागू करना ही होगा। पश्चिम बंगाल सरकार की वकील ने कहा कि आधार कार्ड की दिक्कतों की वजह से ये योजना लागू नहीं हो पाई है। इस पर जस्टिस एम आर शाह ने कहा कि ऐसा कोई बहाना नहीं चलेगा। जब सारे राज्य ये कर चुके हैं तो पश्चिम बंगाल को क्या दिक्कत है। हर हाल में ये योजना लागू होना चाहिए। कोर्ट के इस रुख को देखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार के वकील ने इस बाबत सहमति जताई।

एक देश-एक राशन कार्ड योजना के तहत प्रवासी मजदूर के पास चाहे किसी भी राज्य का राशन कार्ड हो उसे दूसरे राज्य में राशन मिल जाएगा। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी लताड़ लगाई। दरअसल केंद्र सरकार को एक वेबसाइट बनाना है, जिसमें सभी प्रवासी मजदूर का रजिस्ट्रेशन होना है। उसी के आधार पर उन मजदूरों को सरकारी सुविधा दी जाएगी।