मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा है कि अंधविश्वास और कु-संस्कार समाज के विकास में बाधक है। उन्होंने महिलाओं से एकजुट होकर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी से रूबरू होने और इस तरह की कु-शक्तियों को खत्म करने की अपील की।


बुधावर को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तहत असम राज्य ग्रामीण आजीविका अभियान तथा सिलचर जिला प्रशासन के सहयोग से सिलचर परेड ग्राउंड में आयोजित महिला समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सोनोवाल ने कहा कि राज्य की बराकघाटी में अपार संभावनाएं छिपी हुई हैं। बराक नदी के दोनों तट पर बनी सभ्यता-संस्कृति ने घाटी को अधिक गतिशील बना दिया है।


इस कारण यहां कि हर महिला को घाटी के विकास के साथ-साथ राज्य के सर्वांगीण विकास में विशेष भूमिका का पालन करना होगा।


मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की महिलाओं में छिपी संभावनाओं के विकास के लिए केंद्र तथा राज्य सरकार ने एकीकृत पहल की है। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में केंद्र सरकार ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ की तर्ज पर राज्य सरकार ने कनकलता सशक्तिकरण योजना बनाई है ताकि महिला सशक्तिकरण के जरिए एक गतिशील समाज का निर्माण किया जा सके।


मुख्यमंत्री ने कहा कि बराकघाटी का प्राकृतिक सौंदर्य देश के विभिन्न हिस्से के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। उन्होंने कहा कि सत्ता संभावने के बाद से उनकी सरकार ने बराकघाटी के ढांचागत विकास को प्राथमिकता दी है।


इस मौके पर उपस्थित वित्त, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने बराकघाटी के विकास के लिए सरकार द्वारा की गई पहलों पर प्रकाश डाला। उन्होंने करीमगंज में एक चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पलात का निर्माण कार्य शुरू करने सहित सिलचर और करीमगंज में दो कैंसर अस्पताल स्थापित करने की घोषणा की।


उन्होंने बराकघाटी की सड़कों के विकास के लिए सरकार की ओर से शीघ्र ही 500 करोड़ का पैकेज देने की घोषणा को दोहराया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कनकलता महिला सशक्तिकरण योजना के तहत सिलचर लोकसभा क्षेत्र के 2392 महिला आत्मसहायता गुटों में चेक वितरित किया।