देश की बेटीयों का भविष्य अच्छा करने के उद्देश्य से सरकार ने एक योजना की शुरुआत की है जिसका नाम सुकन्या समृद्धि योजना है। इस योजना में इन्वेस्ट करके आप अपनी बेटी को एक सुनहरा भविष्य दे सकते हैं। बता दें कि यह योजना 10 साल तक की बेटियों के लिए है, जिस पर वित्‍त वर्ष 2019-20 के दूसरी तिमाही यानी कि जून से सितंबर लिए सरकार 8.4 % का ब्‍याज दे रही है।


मालूम हो कि इसे इनकम टैक्‍स की धारा 80सी के अंतर्गत रखा गया है। इस खाते में जमा की गई रकम, मिलने वाले ब्‍याज और मैच्‍योरिटी पर मिलने वाली राशि टैक्‍स फ्री होती है। मालूम हो कि इनकम टैक्‍स बचाने के लिए इस खाते में आप अधिकतम डेढ़ लाख रुपए का निवेश कर सकते हैं। जानिए क्या हैं इस योजना के लाभ।


मालूम हो कि यह खाता 10 वर्ष तक की बच्चियों के नाम खुलवाया जा सकता है। दरअसल आप यह खाता तभी खुलवा सकते हैं, जब आप बच्‍ची के प्राकृतिक या कानूनन अभिभावक हों। बता दें कि आप एक बेटी के नाम एक ही खाता खुलवा सकते हैं। दरअसल कुल मिलाकर आप 2 बेटियों के नाम यह खाता खुलवा सकते हैं। हालांकि अगर दूसरी बच्‍ची के जन्‍म के समय आपको जुड़वां बेटी होती है तो आप तीसरा खाता भी खुलवा सकते हैं। बता दें कि यही नियम 3 बच्‍चे एक साथ पैदा होने पर लागू होता है अगर तीनों बच्चियां हैं।


आपको बता दें कि सुकन्‍या समृद्धि खाते में आप शुरू में 1,000 रुपए और उसके बाद 100 रुपए के गुणकों में पैसे जमा करवा सकते हैं। जी हां, दरअसल एक फाइनेंशियल ईयर में खाते में अधिकतम 1.5 लाख रुपए जमा कराए जा सकते हैं। बता दें कि खाता खोलने की तारीख से 14 साल बाद तक आप पैसे जमा करवा सकते हैं। मालूम हो कि फाइनेंशियल ईयर में एक बार न्‍यूनतम 1,000 रुपए जमा कराना जरूरी है। बता दें कि यदि आप न्‍यूनतम राशि जमा नहीं करवाते हैं तो आपको 50 रुपए की पेनाल्‍टी देनी होगी।


मालूम हो कि खाते में बच्‍ची के पैरेंट्स या कोई भी परिवार का सदस्य पैसे जमा करा सकता है। दरअसल इस खाते पर मिलने वाला ब्‍याज सालाना जुड़ता है। यानी इसका मतलब यह है कि पहले साल मिला ब्‍याज मूलधन में जुड़ जाएगा और अगले साल ब्‍याज पर ब्याज यानी कंपाउंडिंग इंट्रस्ट का भी फायदा मिलेगा। बता दें कि जब तक बच्‍ची 10 साल की नहीं हो जाती तब तक उसके पैरेंट्स ही खाते को ऑपरेट करेंगे। हालांकि उसके बाद वह खुद भी अकाउंट ऑपरेट कर सकती है। बता दें कि खाता खुलने पर एक पासबुक दी जाएगी, जो बैंक या पोस्‍ट ऑफिस में पैसे जमा करवाते समय या ब्‍याज चढ़वाते समय पेश करनी होगी। इसके अलावा मैच्योरिटी के समय एवं खाता बंद करवाते समय भी पासबुक की आवश्यकता होगी।


ब्याज की बात की जाए तो सुकन्‍या समृद्धि खाते पर मिलने वाला ब्‍याज सरकार हर साल तय करती है। हालांकि, यह तिमाही आधार पर तय किया जाता है। लेकिन, खाते में इसे सालाना क्रेडिट किया जाता है। बता दें कि साल 2019-20 के लिए फिलहाल ब्‍याज 8.4 % है। आपको बता दें कि बच्‍ची के 18 साल के होने से पहले आप खाते से पैसे नहीं निकाल सकते। हालांकि उसके 21 वर्ष के होने पर सुकन्‍या समृद्धि खाता मैच्‍योर हो जाएगा। दरअसल बच्‍ची के 18 वर्ष के हो जाने पर आंशिक निकासी की सुविधा मिलती है।


यानी बच्‍ची के 18 वर्ष के होने पर 50 % तक राशि निकाल सकते हैं। यदि दुर्भाग्‍यवश, बच्‍ची की मृत्‍यु हो जाती है तो खाता तुरंत बंद हो जाएगा और खाते में जमा रकम पैरेंट्स को सौंप दी जाएगी। बता दें कि इस अकाउंट का ट्रांसफर भारत में कहीं भी करवाया जा सकता है।


आपको बता दें कि पोस्‍ट ऑफिस या किसी बैंक की किसी भी ब्रांच में सुकन्‍या समृद्धि अकाउंट खुलवाया जा सकता है। दरअसल इसके लिए बच्‍ची का बर्थ सर्टिफिकेट और अन्‍य डॉक्‍युमेंट जैसे आइडेंटिटी और रेजिडेंस प्रूफ देना होता। मालूम हो कि अकाउंट में पैसा चेक, कैश या डिमांड ड्राफ्ट से जमा हो सकता है। इसके अलावा ऑनलाइन ट्रांसफर की सुविधा भी है।