कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए देशभर में टीकाकरण की रफ्तार को तेज कर दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्रायल की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबित देश में अब तक 67।72 करोड़ से अधिक लोगों को वैक्सीन की कम से कम एक डोज मिल चुकी है। कई रिपोर्टस में बताया जा रहा है कि वैक्सीनेशन करा चुके लोगों के कई तरह की समस्याएं महसूस हो रही हैं। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि देश में मौजूद सभी टीके पूरी तरह से सुरक्षित हैं, इनसे लोगों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

लोगों की समस्याओं को दूर करते हुए भारत सरकार ने वैक्सीन लगवाने के बाद नजर आने वाले लक्षणों की एक सूची जारी की है, जिसपर लोगों को विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। आइए आगे की स्लाइडों में इस बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं।

भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के ट्विटर हैंडल 'कोविड न्यूज बाई एमआईबी' द्वारा साझा की गई जानकारियों के मुताबिक वैक्सीन लगवाने के 20 दिनों के भीतर सभी लोगों को कुछ लक्षणों पर विशेष नजर रखने की आवश्यकता है। सांस की तकलीफ, छाती में दर्द, उल्टी होना या लगातार पेट दर्द होना, धुंधला दिखाई देना अथवा तेज़ या लगातार सिरदर्द रहने की स्थिति में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक उम्र के आधार पर टीके के साइड-इफेक्ट्स में भिन्नता हो सकती है। युवाओं को उम्रदराज लोगों की तुलना में अधिक तीव्रता वाले साइड-इफेक्ट्स का अनुभव हो सकता है। इसका मुख्य कारण शरीर की प्रतिरोधक प्रतिक्रिया को माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्यतौर पर टीकाकरण के बाद होने वाले साइड-इफेक्ट्स एक से दो दिनों में स्वत: ठीक हो। दीर्घकालिक दुष्प्रभावों के मामले कम देखने को मिले हैं, इसलिए सभी लोगों को वैक्सीनेशन जरूर कराना चाहिए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कोरोना की संभावित तीसरी लहर से सुरक्षित रहने के लिए सभी लोगों को जल्द से जल्द टीकाकरण अवश्य करा लेना चाहिए। तमाम अध्ययनों में स्पष्ट हो चुका है कि वैक्सीन, कोरोना के गंभीर संक्रमण और इसके कारण होने वाली मौत के खतरे को कम करने में बेहद कारगर हैं। कोरोना के डेल्टा जैसे गंभीर संक्रामक वैरिएंट्स से भी सुरक्षित रखने में वैक्सीनों को कारगर माना जा रहा है।