नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने बुधवार को अंडमान- निकोबार द्वीप समूह में सतह से सतह पर मार करने वाली ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि विस्तारित दूरी की इस मिसाइल ने सटीक सटीकता के साथ अपने लक्ष्य को भेदा है। वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी और अंडमान-निकोबार कमांड के कमांडर-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल अजय सिंह ने द्वीप पर इस मिसाइल के सफल प्रक्षेपण देखा। 

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ब्रह्मोस के सफल प्रक्षेपण के लिए वायुसेना प्रमुख ने टीम को बधाई दी। भारत-रूस के संयुक्त उद्यम ब्रह्मोस एयरोस्पेस द्वारा विकसित मिसाइल सटीक लक्ष्य प्राप्ति के लिए उन्नत सॉफ्टवेयर के साथ स्टील्थ तकनीक और एक मार्गदर्शन प्रणाली से लैस है। परमाणु को ले जाने में सक्षम यह मिसाइल दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक है। इसे पनडुब्बी, जहाज, विमान या जमीन से लॉन्च किया जा सकता है। वायु सेना प्रमुख के साथ श्रीमती नीता चौधरी अंडमान-निकोबार कमान की पहली यात्रा पर पहुंचीं। उन्हें आईएनएस उत्क्रोश में गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। 

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बाद में लेफ्टिनेंट जनरल अजय सिंह और अन्य अधिकारियों के साथ रक्षा तैयारियों पर चर्चा की गई। उल्लेखनीय है कि ब्रह्मोस का पिछले महीने अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में एक भूमि आधारित लांचर से भी परीक्षण किया गया था। इसके साथ ही एक और सफल परीक्षण इस साल जनवरी में किया गया था। उस समय ब्रह्मोस का ओडिशा के एकीकृत परीक्षण रेंज चांदीपुर से परीक्षण किया गया था।