प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर विवादास्पद टिप्पणी करने वाले कांग्रेसी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर अब बीजेपी नेता और राज्यसभा संसद सुब्रमण्यम स्वामी के निशाने पर आ गए हैं। स्वामी ने कहा, तुम्हारे सूट-बूट अजीब नहीं हैं हमारे लिए? सूट-बूट पहन के तुम वेटर जैसे लगते हो। दरअसल थरुर ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी यात्राओं के दौरान अजीब-अजीब सी टोपियां पहनते हैं, लेकिन मुसलमानों की टोपी पहनने से इनकार कर देते हैं।

समकालीन भारत में नफरत, हिंसा एवं असहिष्णुता के खिलाफ लड़ाई के विषय पर एक संगोष्ठी को संबोधित कार्यक्रम में स्वामी ने कहा कि शशि थरूर द्वारा दिए गए बयान से नॉर्थ ईस्ट के लोगों को भी बहुत चोट लगी है और उन्होंने इसको व्यक्त भी किया। स्वामी ने थरूर को कहा कि वो अभी कॉकटेल पार्टी से बाहर नहीं आए हैं।  बता दें कि थरूर ने कहा था, 'मैं आपसे पूछता हूं कि हमारे प्रधानमंत्री देश विदेश में जहां कहीं भी जाते हैं, हर तरह की अजीबो गरीब टोपियां क्यों पहनते हैं? वह मुसलमानों की टोपी पहनने क्यों हमेशा मना कर देते हैं?' उन्होंने कहा, 'आप उन्हें पंख लगी नगा टोपियां पहने देखते हैं। आप उन्हें अलग तरह की पोशाकों में देखते हैं जो कि एक प्रधानमंत्री के लिहाज से ठीक है। इंदिरा गांधी भी तस्वीरों में विभिन्न प्रकार की पोशाकों में दिखती थीं, लेकिन मोदी अब भी हमेशा एक खास टोपी को पहनने से क्यों मना कर देते हैं?'

बीजेपी ने इस टिप्पणी को पूर्वोत्तर के लोगों का अपमान बताया। केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू ने मांग की कि कांग्रेस थरूर की टिप्पणी के लिए माफी मांगे। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि थरूर की टिप्पणी से उनकी अजीब मानसिकता का पता चलता है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, प्रिय शशि थरूर यह अजीब मानसिकता का परिचायक है, खासकर नगालैंड, जिसका आपने खासतौर पर उल्लेख किया, सहित पूर्वोत्तर के लोगों की समृद्ध पारंपरिक संस्कृति का मजाक उड़ाना है। कांग्रेस अपनी मानसिकता के कारण 70 सालों से पूर्वोत्तर की उपेक्षा करती रही। 

नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने भी गंभीर आपत्ति जताई। थरूर का नाम लिए बगैर मुख्यमंत्री ने बयान के लिए माफी मांगने और उसे वापस लेने की मांग की। रियो ने ट्वीट किया, नगाओं का समृद्ध विरासत और जीवंत संस्कृति है। हमें अपने इतिहास और परंपराओं पर गर्व है। नगा टोपी के बारे में सभी जानते हैं। यह विचित्र नहीं है। परस्पर सम्मान भारत को महान देश बनाता है। भावनाओं को आहत करने वाले बयान के लिए वह माफी मांगे और इसे वापस ले। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौड़ ने ट्विटर पर लिखा, शशि थरूर ने पूर्वोत्तर के लोगों की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का अपमान किया है। भारत के लोगों के प्रति यह अहंकार एवं दंभ कांग्रेस की पहचान बन गई है। 

बाद में थरूर ने राठौड़ को जवाब देते हुए ट्विटर पर लिखा, प्रिय राज्यवर्द्धन आपको यह बेहतर पता होगा: मैं साफ तौर पर गणमान्य लोगों को पहनाए जाने वाली रस्मी टोपियों की बात कर रहा था ना कि रोजाना इस्तेमाल में लायी जाने वाली टोपियों की, लेकिन आप मूल सवाल से पीछे हट रहे हैं कि प्रधानमंत्री हर तरह की टोपियां पहनते हैं, केवल एक टोपी से क्यों बचते हैं? भाजपा के महासचिव राम माधव ने भी थरूर की आलोचना करते हुए ट्वीट किया, शशि थरूर के लिए नगा टोपी अजीबो गरीब और हास्यप्रद है। मुस्लिम टोपी के लिए बहुत ज्यादा प्यार दिखाते हुए थरूर को नगाओं एवं पूर्वोत्तर के दूसरे लोगों के रीति रिवाजों का अपमान करने में दिक्कत नहीं हुई। इससे पहले हाल में थरूर ने कहा था कि बीजेपी सत्ता में लौटी तो संविधान को दोबारा लिखेगी और हिंदू पाकिस्तान के निर्माण का रास्ता तैयार करेगी। उनकी इस टिप्पणी को लेकर भी विवाद हुआ था।