ब्रिटिश रॉयल नेवी के प्रमुख ने पनडुब्बी सेवा में महिलाओं के खिलाफ धमकाने और यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं। बेड़े में सेवा देने वाले कई मुखबिरों ने एक दैनिक समाचार-पत्र को बताया कि उन्हें सभी रैंकों से दुर्रव्यवहार का सामना करना पड़ा।

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फर्स्ट सी लॉर्ड एडमिरल सर बेन के. ने कहा कि वह घृणित दावों से बहुत परेशान हैं। रॉयल नेवी में दुव्र्यवहार का कोई स्थान नहीं है और अगर कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा। एक महिला ने समाचार पत्र को बताया कि जब वह सो रही थी तो एक उच्च पद के व्यक्ति द्वारा उसका यौन उत्पीड़न किया गया था। 

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रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार,  पनडुब्बी अनदेखी और अबाधित सेवा है। रिपोर्ट के अनुसार, सूचना की स्वतंत्रता (एफओआई) अनुरोध में सामने आए आंकड़ों से पता चला है कि वर्ष 2019 तक, पनडुब्बी सेवा कर्मियों में से केवल एक प्रतिशत महिलाएं थीं। आरोपों का जवाब देते हुए सर बेन ने कहा, मैं सभी को आश्वस्त करना चाहता हूं कि रॉयल नेवी में होने वाले महिलाओं के साथ दुव्र्यवहार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।