त्रिपुरा के नवोदय विद्यालय में छात्रों के साथ रैंगिग व मारपीट की घटना के बाद छात्र अपने घर देवती दरियापुर लौट गए। इससे परिजनों ने राहत की सांस ली है। सभी बच्चों बहां पढ़ाई के लिए गए थे।


नौवीं के छात्र अमित कुमार, संदीप कुमार, विश्वजीत कुमार, मंजेश कुमार, जय कुमार, सूर्यदेव कुमार व शोभित कुमार ने बताया कि 30 जुलाई को अपने विद्यालय से 8 छात्र व 4 छात्राएं गए थे। दो अगस्त को त्रिपुरा पहुंचे। वहां हम लोगों को दो दिन पुस्तकालय मे बैठाकर रखा गया।


प्राचार्य ने कहा कि क्लास रूम मे जगह नहीं है। जगह के अभाव में हम लोगों की परीक्षा विज्ञान प्रयोगशाला में हुई। दस अगस्त को हम लोग कैंपस मे बैठकर गपशप कर रहे थे कि इसी बीच 12वीं के छात्र आए व अंदर जाने को कहा। वहां गए तो उनलोगों ने लाइट ऑफ कर दी। जब उसे ऑन करने लगे तो हमारे साथी अमित की उनलोगों ने बेरहमी से पिटाई कर दी।


प्राचार्य से शिकायत के दौरान भी वहां के छात्रों ने पीटने की कोशिश की। वहां के प्राचार्य ने बचाया। बच्चों ने बताया कि अगर हमलोग नहीं गए होते तो इस तरह की घटना नहीं होती। हमलोगों ने जाने से इंकार तो जबरन भेजा गया।


अभिभावकों राजेश कुमार, लक्षमण महतो, अनुपम सिंह, चंद्र केत सिंह, सुनील कुमार सिंह व सतीश कुमार का कहना है कि नवोदय विद्यालय देवती के प्राचार्य एपी ठाकुर की लापरवाही के कारण इस तरह की घटना हुई। घटना को लेकर कार्रवाई की मांग की है।