केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को कहा कि हिंसा और मूर्ति तोडऩे के मामले में लिप्त रहने वाले व्यक्तियों के खिलाफ आश्वयक और सख्त कार्रवाई की जाएगी।


सिंह ने यहां संसद भवन परिसर में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा कि जिस किसी के खिलाफ भी शिकायत मिलेगी, उसपर आवश्यक और सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, 'मैंने सभी पक्षों से अपील की है कि जो कोई मूर्ति तोडऩे जैसे मामलों में लिप्त हो, उससे सख्ती से निपटा जाना चाहिए। ऐसी घटनाओं को कभी न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता ।'


इससे पहले केंद्रीय गृहमंत्री ने एक परामर्श जारी कर राज्य सरकारों को हिंसा रोकने की सलाह दी। सिंह ने ट्विटर पर लिखा, 'इस तरह के कृत्यों में शामिल व्यक्तियों के साथ कड़ाई से निपटा जाना चाहिए और कानून के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। राज्य सरकारों को ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति तोड़े जाने की घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा, 'देश के कुछ हिस्सों से मूर्तियों को तोडऩे की जानकारी मिली है। गृह मंत्रालय ने बर्बरता की ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लिया है।'


केंद्रीय संसदीय मंत्री अनंत कुमार ने भी मूर्ति तोडऩे की घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा, 'हम एक लोकतंत्र में रहते हैं और हमारे देश में विभिन्न विचारधाराएं हैं। मैं मूर्ति तोडऩे तथा हिंसा करने की कड़ी भर्त्सना करता हूं।'

बता दें कि दक्षिण कोलकाता के केउरातला इलाके में पार्क में लगी श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति पर कालिख लगा दी गई। कहा जा रहा है कि ये लेनिन की मूर्ति पर हुए हमले की प्रतिक्रिया है। जिस तरह से त्रिपुरा चुनावों के बाद 'मूर्ति तोड़ो' हिंसा की जा रही है उससे माहौल खराब होता जा रहा है। लेनिन की मूर्ति के बाद कोलकाता में बदले की भावना से श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी की मूर्ति पर ना सिर्फ कालिख पोती गई बल्कि उससे तोड़ फोड़ भी की गई है। गौर हो कि त्रिपुरा में मंगलवार को लेनिन की मूर्ति को बुलडोजर से गिरा दिया गया था। उसके बाद से त्रिपुरा के कई जिलों स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।