भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने त्रिपुरा एवं तमिलनाडु में रूसी वामपंथी विचारक व्लादीमिर लेनिन की प्रतिमाओं को तोड़े जाने की कड़ी निंदा करते हुए बुधवार को कहा कि इन घटनाओं में शामिल पार्टी कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।


शाह ने यहां ट्वीट करके कहा कि हमारी पार्टी का मानना है कि भारत में अलग अलग विचार एवं विचारधाराओं का सह अस्तित्व है। हमारे संविधान निर्माताओं ने इस महान देश के बारे यही कल्पना की थी। भारत की विविधता तथा चर्चाओं एवं बहस की जीवंत परंपरा हमें मजबूत बनाती है।


उन्होंने कहा कि हाल ही में मूर्तियों को तोड़े जाने की घटनाएं बहुत दुर्भाग्यपूर्ण हैं। एक पार्टी के रूप में हम किसी की प्रतिमा को गिराये जाने का समर्थन नहीं करते हैं।


शाह ने कहा कि उनकी पार्टी का मुख्य उद्देश्य लोगों के जीवन में परिवर्तन लाना है। उन्होंने कहा कि हमारे लोकाचार और कार्यों को भारत के सभी लोगों ने पसंद किया है और हमारा गठबंधन 20 से अधिक राज्यों में सरकार का हिस्सा है।


उन्होंने कहा, 'मैंने अपनी तमिलनाडु एवं त्रिपुरा की पार्टी इकाइयों से बात की है। भाजपा से संबंधित कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रतिमा को तोड़े जाने की घटना में लिप्त पाया जाता है तो उसे पार्टी की ओर से कठोर कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।'


उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से खुले विचारों और रचनात्मक राजनीति के लिए प्रतिबद्ध रही है जिससे हम लोगों के जीवन में सकारात्मक प्रभाव पैदा कर सकेें और एक नये भारत का निर्माण कर सकें।


भाजपा की वरिष्ठ नेता एवं केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा, 'मैं लेनिन की मूर्ति तोड़े जाने की भर्त्सना करती हूं। वैचारिक असहिष्णुता के लिए भारत में कोई स्थान नहीं है। हमारे कार्यकर्ता ऐसा नहीं कर सकते। त्रिपुरा की राज्य सरकार इसकी जांच कराए ताकि असली अपराधियों के चेहरे सामने आए।'