नागालैंड में नेशनल डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी(एनडीपीपी)को ज्यादा सीटें देने के कारण भाजपा की स्टेट यूनिट पार्टी आलाकमान से नाराज है। भाजपा ने विधानसभा चुनाव के लिए एनडीपीपी से गठबंधन किया है। दोनों पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर भी समझौता हो गया है। इसके तहत भाजपा 20 और एनडीपीपी 40 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। भाजपा की स्टेट यूनिट इस फॉर्मूले से नाखुश है।

स्टेट यूनिट ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को पत्र लिखा है। इसमें भाजपा को कम सीटें मिलने पर नाराजगी व्यक्त की गई है। पत्र में स्टेट यूनिट ने कहा है कि उसे टिकटों के बंटवारे का फैसला स्वीकार नहीं है। आपको बता दें कि नागालैंड में इसी माह विधानसभा चुनाव है। राज्य की 60 विधानसभा सीटों के लिए 27 फरवरी को मतदान होगा। 3 मार्च को चुनाव के नतीजे घोषित होंगे। भाजपा की स्टेट यूनिट का कहना है कि एनडीपीपी हाल ही में बनी है। राज्य में भाजपा की जड़ें मजबूत है।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को लिखे पत्र पर स्टेट यूनिट के महासचिव ई.थेलुओ के हस्ताक्षर हैं। पार्टी के समर्थकों ने कहा कि अगर भाजपा 20 सीटों पर चुनाव लड़ेगी तो वे अपना समर्थन वापस ले लेंगे। केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू,जो नागालैंड में भाजपा के चुनाव प्रभारी हैं, ने शनिवार को घोषणा की थी कि एनडीपीपी 40 सीटों पर चुनाव लड़ेगी जबकि भाजपा 20 सीटों पर। आपको बता दें कि नागालैंड में फिलहाल नेशनल पीपुल्स फ्रंट के नेतृत्व वाली डेमोक्रेटिक अलायंस ऑफ नागालैंड(डीएएन)की सरकार है, जिसे भाजपा ने समर्थन दे रखा है।

भाजपा ने एनपीएफ से संबंध तोड़कर एनडीपीपी से गठबंधन किया। एनपीएफ ने टी.आर.जेलियांग के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लडऩे का फैसला किया है। जेलियांग को एनपीएफ ने मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर रखा है। नागालैंड से एक मात्र लोकसभा सांसद नेफ्यू रियो ने हाल ही में एनपीएफ से इस्तीफा देकर एनडीपीपी में शामिल हुए थे। नागालैंड में विधानसभा चुनाव से पहले नगा राजनीतिक समस्या के हल की मांग जोर पकड़ती जा रही है। आपको बता दें कि हाल ही में नागालैंड के सभी राजनीतिक दलों ने एक संयुक्त घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें चुनाव बहिष्कार की बात कही गई थी। बाद में भाजपा के साथ साथ कांग्रेस और एनपीएफ ने यू टर्न लेते हुए विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेने का फैसला कर लिया।