रेलवे के साथ बिजनेस करने का शानदार मौका आया है जिसमें आप लाखों की कमाई कर सकते है। भारतीय रेलवे सालाना 70,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोडक्ट खरीदता है। इन प्रोडक्ट में टेक्निकल और इंजीनियरिंग उत्पादों साथ दैनिक उपयोग के सभी लगभग सभी तरह के सामान होते है। ऐसे में आप छोटे कारोबारी के तौर पर रेलवे को अपना प्रोडक्ट बेचकर अपनी कमाई बढ़ा सकते हैं। अगर आप भी रेलवे के साथ बिजनेस करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको https://ireps.gov.in और https://gem.gov.in पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

रेलवे कोई भी प्रोडक्ट उस कंपनी से खरीदता है जो मार्केट में सबसे सस्ता सामान सप्लाई कर रहा हो। ऐसे में आपको किसी ऐसे प्रोडक्ट की तलाश करनी होगी जो आपको किसी कंपनी या मार्केट से आसानी से और सस्ती दरों पर मिल जाए. इसके बाद आप एक डिजिटल सिग्नेचर  बनवाएं। इसकी मदद से आप रेलवे की वेबसाइट पर जाकर नए टेंडर देख सकेंगे। अपनी लागत और प्रॉफिट के आधार पर टेंडर डालें। ध्यान रहे आपके रेट कॉम्पिटेटिव रहेंगे तो आपको टेंडर मिलने में आसानी होगी। सर्विस की सप्लाई के लिए रेलवे कुछ तकनीक योग्यता मांगता है।

रेलवे ने घरेलू निर्माताओं को बढ़ावा देने के लिए एक स्पष्ट, पारदर्शी, निष्पक्ष खरीद प्रणाली को प्रोत्साहन दिया है। मेक इन इंडिया नीति के तहत रेलवे ने अपने वैगन (Wagons), ट्रैक  और एलएचबी डिब्बों के टेंडर में 50 फीसदी से अधिक स्थानीय प्रोडक्ट वाले आपूर्तिकर्ता ही भाग ले सकेंगे। वहीं, ‘वंदे भारत’ ट्रेन सेट के लिए 75 फीसदी इलेक्ट्रिक सामान मेक इन इंडिया के तहत खरीदा जाएगा।

रेलवे ने एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला किया है रेलवे के किसी टेंडर की लागत की 25 फीसदी तक की खरीद में एमएसएमई को 15 फीसदी तक की प्राथमिकता मिलेगी। इसके अलावा, छोटे उद्योगों को धरोहर जमा राशि और सुरक्षा जमानत राशि जमा करने की शर्तों में भी छूट दी गई है।

अगर कोई आपूर्तिकर्ता रेलवे की किसी एक एजेंसी में कोई प्रोडक्ट सप्लाई करने के लिए रजिस्ट्रेशन करा लेता है तो इसे पूरे रेलवे में प्रोडक्ट की सप्लाई के लिए रजिस्ट्रेशन माना जाएगा। नए रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होगी। एक बार रजिस्ट्रेशन करा रेलवे के साथ बिजनेस शुरू कर सकते हैंं।