कोरोना वायरस संक्रमण महामारी में लोगों को बड़ा आर्थिक नुकसान भुगतना पड़ा है, जिसे पूरा करने को हर कोई एड़ी से चोटी तक जोर लगा रहे हैं। कोरोना कर्फ्यू लगने से कामकाज ठप हो गया, जिससे पैसे की परेशानियां बढ़ती गई।

सरकार ने चरमराए आर्थिक पहिये को पटरी पर लाने के लिए गतिविधियों में छूट दे दी है। दूसरी ओर सरकार भी हर तहर से लोगों की सहायता को आगे आ रही है। इस बीच अगर आप कोई कारोबार कर पैसा कमाने चाहते हैं तो यह खबर आपके बड़े ही काम की है। 

कृषि के क्षेत्र में आप छोटा से कारोबार शुरू कर आप पैसा कमा सकते हैं। आप मुर्गी पालन कर सकते हैं, जिसके लिए सरकार भी मदद कर रही है। इस कारोबार को 5-9 लाख रुपये में शुरू किया जा सकता है। छोटे स्तर यानी 1500 मुर्गियों से लेयर फार्मिंग की शुरुआत करेंगे तो आप 50 हजार से 1 लाख रुपये हर महीने की कमाई कर सकते हैं। 

इस हिसाब से आप रोजाना के 3000 रुपये से ज्यादा की कमाई आसानी से कर सकते हैं। पॉल्ट्री फार्मिंग के लिए आपको सबसे पहले एक जगह तलाशनी होगी। इसके बाद पिंजड़े और इक्विपमेंट पर लगभग 5-6 लाख रुपये खर्च करना होगा। 

1500 मुर्गियों के लक्ष्य से काम शुरू करना हो तो 10 प्रतिशत ज्यादा चूज़े खरीदने होंगे। बता दें कि इस कारोबार में आपको अंडे से भी होगी जबरदस्त कमाई होगी। देश में अंडे के दाम बढ़ने लगे हैं। ऐसे में इसे बेचकर आपको अच्छी खासी अर्निंग कर सकते हैं।

वहीं, एक लेयर पैरेंट बर्थ की कॉस्ट लगभग 30-35 रुपये होती है। मुर्गियां खरीदने के लिए 50 हजार रुपये का बजट रखना होगा। अब इन्हें पालने के लिए अलग-अलग तरह का खाना खिलाना पड़ता है और साथ ही मेडिकेशन पर भी खर्च करना पड़ता है।

- रोजाना होगी इतनी इनकम

लगातार 20 हफ्ते तक मुर्गियों को खिलाने का खर्च होगा करीब 1 से 1.5 लाख रुपये। एक लेयर पैरेंट बर्ड एक साल में लगभग 300 अंडे देती है। 20 हफ्ते बाद मुर्गियां अंडा देना शुरू कर देती है और साल भर तक अंडे देती है। 20 हफ्तों के बाद इनके खाने पीने पर तकरीबन 3-4 लाख रुपये खर्च होता है। 

ऐसे में 1500 मुर्गियों से 290 अंडे प्रति वर्ष के औसत से लगभग 4,35,000 अंडे मिलते हैं। बर्बादी के बाद भी अगर 4 लाख अंडे बेच पाएं तो थोक भाव में एक अंडा 5-7 रुपये की दर से बिकता है। साल भर में सिर्फ अंडे बेचकर अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं। इस हिसाब से आप सालाना करीब 30 लाख रुपये की बिक्री कर सकते हैं।

वहीं, पॉल्ट्री फार्म के बिजनस के लोन पर सब्सिडी करीब 25 प्रतिशत होती है। वहीं, SC-ST वर्ग को प्रोत्साहन देने के लिए यह सब्सिडी 35 प्रतिशत तक हो सकती है। बता दें कि इस कारोबार की खासियत यह है कि इसमें कुछ रकम खुद लगानी होती है और बाकी की बैंक से लोन मिल जाएगा।